बिहार के लाल ने एशिया में लहराया तिरंगा: अंडर-18 हॉकी एशिया कप के गोल्डन हीरो सावन कुमार का हुआ भव्य सम्मान
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अंडर-18 एशियाई हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बनकर सावन कुमार ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे राज्य के हॉकी इतिहास की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि बिहार के खिलाड़ियों की प्रतिभा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अनुभवी कोचों की उपलब्धता का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है। सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी सफलताएं हासिल कर सकें।
टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में मेजबान जापान को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस पूरे अभियान में गोलकीपर सावन कुमार का प्रदर्शन टीम की सफलता का महत्वपूर्ण आधार रहा।
सम्मान समारोह में श्रवण कुमार ने घोषणा की कि राज्य सरकार सावन कुमार को लगभग 16 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। इसके अलावा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति योजना के तहत उन्हें प्रतिवर्ष 20 लाख रुपये तक की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर सावन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया था और लगातार मेहनत, अनुशासन तथा नियमित अभ्यास के बल पर आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए विशेष रणनीति, फिटनेस और तकनीकी तैयारी पर काफी मेहनत की गई।
कोच शशि कुमार राणा ने बताया कि सावन को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गोलकीपरों के खेल का अध्ययन कराया गया और उन्हें लगातार प्रतियोगी माहौल में खेलने का अवसर दिया गया। वहीं कोच अजितेश रॉय ने कहा कि बिहार में खेलों को लेकर बदलते माहौल और सरकारी सहयोग के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं।
समारोह में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के अध्यक्ष रविंद्र शंकरण सहित खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सावन कुमार की उपलब्धि को बिहार में हॉकी के लिए नई प्रेरणा और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल माना जा रहा है।