चुनावी जिम्मेदारी में बिहार का दम: 47 सीनियर अफसर पांच राज्यों में संभालेंगे कमान
इन अधिकारियों को वेस्ट बंगाल, असम, केरल, तमिल नाडु और पुडुचेरी में चुनाव ड्यूटी पर भेजा जाएगा। यहां वे सामान्य प्रेक्षक (General Observer) और पुलिस प्रेक्षक (Police Observer) के रूप में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को साफ निर्देश दिया है कि सभी चयनित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पदों से मुक्त किया जाए, ताकि वे समय पर अपनी जिम्मेदारी संभाल सकें।
देरी या छुट्टी पर जीरो टॉलरेंस
आयोग ने इस बार सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अधिकारी की रिलीविंग में देरी या छुट्टी का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से चुनाव ड्यूटी जॉइन करनी होगी।
निष्पक्ष चुनाव की बड़ी जिम्मेदारी
चयनित अधिकारियों को मतदान, सुरक्षा व्यवस्था और मतगणना जैसे अहम चरणों की निगरानी का जिम्मा दिया जाएगा। आयोग का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों की मौजूदगी से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।
इतनी बड़ी संख्या में बिहार कैडर के अधिकारियों का चयन न सिर्फ राज्य की प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि देश के सबसे महत्वपूर्ण कार्य चुनाव में बिहार के अफसरों पर खास भरोसा किया जा रहा है।