'BJP वाले की गाड़ी है मारो, अरे देख गन निकाल रहा है', भागलपुर में प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप, पुलिस-प्रशासन की गाड़ियों पर हमला
Bihar Protest: बिहार बंद के दौरान भागलपुर में प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने कई वाहनों को निशाना बनाया, जिनमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां भी शामिल थीं. मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा.
स्कॉर्पियो पर हमला
हंगामे के दौरान तिलकामांझी चौराहे से गुजर रही एक भाजपा (बीजेपी) नेता की सफेद रंग की स्कॉर्पियो को देखते ही उग्र लड़के तेजी से चिल्लाने लगे- "देख-देख बीजेपी वाले की गाड़ी है, मारो-मारो!" इतना कहते ही लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस उपद्रवियों ने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया.
बॉडीगार्ड ने तनी पिस्टल, बची नेता की जान
अपनी गाड़ी पर हमला होते देख बीजेपी नेता के सुरक्षा में तैनात सरकारी अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) ने अदम्य साहस दिखाया. वह तुरंत गाड़ी से उतरा और अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर हमलावरों की तरफ तान दी. पिस्टल तनते देख उपद्रवी और भड़क गए और चिल्लाने लगे- "देख-देख गन लोड कर रहा है, अब इसको छोड़ना नहीं!" हालांकि, बॉडीगार्ड ने पिस्टल से कवर फायर का घेरा बनाकर बीजेपी नेता को सुरक्षित निकाल लिया.
पुलिस जिप्सी पलटी, एसडीएम की गाड़ी में तोड़फोड़
इससे पहले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट धांधली को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की जब पुलिस से कहासुनी हुई, तो माहौल बेकाबू हो गया. आक्रोशित भीड़ ने धक्का-मुक्की करते हुए पुलिस को खदेड़ दिया और सड़क पर खड़ी पुलिस की पेट्रोलिंग जिप्सी को पलट दिया. उपद्रवियों के पथराव में सदर एसडीएम (SDM) की गाड़ी, ट्रैफिक विभाग की जिप्सी समेत कुल चार वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए.
तिलकामांझी चौक पर हुए इस भारी उपद्रव के बाद प्रदर्शनकारी पथराव करते हुए बरारी की तरफ बढ़ गए. जगह-जगह हो रहे पथराव के कारण आम राहगीरों और पुलिसकर्मियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी. भागलपुर प्रशासन की तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गईं. आखिरकार, भारी संख्या में पहुंचे अतिरिक्त पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़कर तितर-बितर किया.
पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद भी इलाके में भारी तनाव व्याप्त है. वहीं, पुलिसिया लाठीचार्ज और बल प्रयोग के विरोध में कई छात्र सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं. फिलहाल तिलकामांझी से लेकर बरारी मार्ग तक भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों और पथराव करने वाले अराजक तत्वों की पहचान में जुट गई है.
पुलिस की तैयारी पर भारी पड़ी उपद्रवियों की रणनीति
बिहार बंद को लेकर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर भागलपुर पुलिस 23 जुलाई से ही फ्लैग मार्च और मॉक ड्रिल कर पूरी तरह अलर्ट थी. शुक्रवार को अधिकारियों व पुलिस बलों की बाकायदा प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई थी. हालांकि, पुलिस प्रशासनिक टीम उपद्रवियों और उन्हें पीछे से रसद व समर्थन देने वालों की अंदरूनी रणनीति को भांपने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई.
मलबे से निकाले ईंट-पत्थर, फिर बोला धावा
आंदोलनकारी लड़कों ने पथराव के लिए ईंट-पत्थर जुटाने का ठिकाना पहले से तय कर रखा था. तिलकामांझी चौराहे पहुंचते ही भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने हाल ही में तोड़े गए होटल रिमझिम के बचे मलबे से ईंट-पत्थर निकालकर पुलिस बलों और वाहनों पर दनादन बरसाना शुरू कर दिया. देखते ही देखते करीब आधे घंटे तक चौराहे पर अराजक स्थिति बनी रही.
उपद्रवियों के इस अचानक हमले में सदर एसडीओ (SDM) की गाड़ी, पुलिस की पेट्रोलिंग जिप्सी, यातायात पुलिस की गाड़ी और कई निजी वाहनों समेत कुल 9 गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. पथराव की इस घटना में कई मीडियाकर्मी भी चोटिल हुए हैं. इसके बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने सख्त घेराबंदी की, जिसके बाद उपद्रवी कई हिस्सों में बंटकर पीछे हटने को मजबूर हुए.