जमुई एनकाउंटर पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान, बोले- 48 घंटे में अपराधियों पर कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता
Bihar News: जमुई में नाबालिग से बदसलूकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद बिहार की सियासत भी तेज हो गई है। मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने और दूसरे आरोपी हरे राम यादव के भी पकड़े जाने के बाद बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर बयान दिया है। मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि हरे राम यादव भी घायल हुआ और दोनों को जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया।
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार सरकार अपराध के मामलों में सख्त रुख अपना रही है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि गंभीर आपराधिक घटनाओं में तेजी से कार्रवाई हो और 48 घंटे के भीतर उसका परिणाम सामने आए।
FIR के बाद STF की कार्रवाई का दावा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। उन्होंने दावा किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष कार्य बल (STF) को भी कार्रवाई में लगाया गया।
सरावगी के मुताबिक पुलिस की इसी तत्परता के कारण मामले में फरार बताए जा रहे नंदन यादव और हरे राम यादव तक पुलिस पहुंच सकी। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव घायल हुआ और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
‘अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा’
संजय सरावगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को किसी भी तरह के दबाव के बिना कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने जमुई की घटना को इसी नीति के तहत हुई त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बताया। हालांकि, पुलिस मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की परिस्थितियों को लेकर जांच की प्रक्रिया जारी है।
तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष और खास तौर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकार पर सवाल उठाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस घटना को राजनीतिक मुद्दा बना रहा है।
सरावगी ने तेजस्वी यादव के परिवार से जुड़े एक पुराने महिला प्रताड़ना मामले का जिक्र करते हुए उन पर राजनीतिक हमला किया। उन्होंने दावा किया कि उस मामले में FIR दर्ज हुई थी। यह आरोप संजय सरावगी के बयान पर आधारित है और इसे स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा रहा है।
वायरल वीडियो को लेकर भी चेतावनी
संजय सरावगी ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना या उसकी निजता से समझौता करना गंभीर मामला है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ऐसे लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने घटना से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाया है। उनके मुताबिक ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका, वायरल वीडियो से जुड़े साक्ष्यों और पूरे घटनाक्रम की जांच पर है। पुलिस कार्रवाई और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।