22 को ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित होगा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों पर BSLSA का जागरूकता कार्यक्रम, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश करेंगे इस कार्यक्रम को संबोधित
Bihar: बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) के तत्वावधान में पटना के राजवंशी नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कानूनी अधिकारों को लेकर एक दिवसीय जागरुकता कार्यक्रम को पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू संबोधित करेंगे। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कानूनी अधिकारों को लेकर BSLSA के इस अहम पहल से जागरुकता कार्यक्रम में भाग लेने को लेकर लोगों में उत्सुकता है.
उक्त जागरुकता कार्यक्रम की जानकारी संवाददाता सम्मेलन में देते हुए बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडेय ने बताया कि कल रविवार 22 फरवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे पटना के राजवंशी नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में “NALSA (Scheme, 2015)” के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकार, सरकारी योजनाओं और न्याय तक आसान पहुंच की जानकारी देना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है. जागरुकता कार्यक्रम में भाग लेने वाले खुलकर सवाल-जवाब कर सकते हैं. किसी तरह का संदेह हो तो बेधड़क सवाल पूछ कर नियम कानून की जानकारी हासिल कर सकते हैं. जानकारी के अभाव में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए.
बालसा के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडेय ने कहा कि नालसा (NALSA) की असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कानूनी सेवा योजना 2015 के तहत, बालसा (BALSA) राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रमों में असंगठित श्रमिकों का जुटान (समावेश) किया जाता है. इसी के तहत 22 फरवरी को कानूनी प्रक्रियाधीन अधिकारों की जानकारी देकर ज्ञानवर्द्धन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नालसा, बालसा का मातृ संगठन है. इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को निशुल्क कानूनी सहायता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (जैसे ई-श्रम, पेंशन) की जानकारी और अधिकारों के प्रति जागरूक करना है.
उन्होंने बताया कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-इन-चीफ के रूप में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Justice Sangam Kumar Sahoo तथा कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में Justice Sudhir Singh जुड़े हुए हैं. जागरुकता कार्यक्रम में विधिक सेवाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अक्सर कानूनी सहायता और अधिकारों की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है. BSLSA (बालसा) का मानना है कि जागरूकता बढ़ाकर ही उन्हें न्याय व्यवस्था से जोड़ा जा सकता है.
प्राधिकार के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडेय ने मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि इस कार्यक्रम की व्यापक कवरेज से आम लोगों तक कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचेगी और न्याय तक पहुंच का मार्ग और सुलभ होगा. प्राधिकरण ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि वे अपने प्रतिनिधि, फोटोग्राफर और कैमरा टीम को उक्त जागरुकता कार्यक्रम में भेजें, ताकि कार्यक्रम की व्यापक कवरेज हो सके.
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) के तत्वावधान में पटना के राजवंशी नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कानूनी अधिकारों को लेकर एक दिवसीय जागरुकता कार्यक्रम को पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू संबोधित करेंगे. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कानूनी अधिकारों को लेकर BSLSA के इस अहम पहल से जागरुकता कार्यक्रम में भाग लेने को लेकर लोगों में उत्सुकता है.
उक्त जागरुकता कार्यक्रम की जानकारी संवाददाता सम्मेलन में देते हुए बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा) के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडेय ने बताया कि कल रविवार 22 फरवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे पटना के राजवंशी नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में “NALSA (Scheme, 2015)” के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकार, सरकारी योजनाओं और न्याय तक आसान पहुंच की जानकारी देना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है.
जागरुकता कार्यक्रम में भाग लेने वाले खुलकर सवाल-जवाब कर सकते हैं. किसी तरह का संदेह हो तो बेधड़क सवाल पूछ कर नियम कानून की जानकारी हासिल कर सकते हैं. जानकारी के अभाव में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बालसा के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडेय ने कहा कि नालसा (NALSA) की असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कानूनी सेवा योजना 2015 के तहत, बालसा (BALSA) राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रमों में असंगठित श्रमिकों का जुटान (समावेश) किया जाता है. इसी के तहत 22 फरवरी को कानूनी प्रक्रियाधीन अधिकारों की जानकारी देकर ज्ञानवर्द्धन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नालसा, बालसा का मातृ संगठन है. इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को निशुल्क कानूनी सहायता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (जैसे ई-श्रम, पेंशन) की जानकारी और अधिकारों के प्रति जागरूक करना है.
उन्होंने बताया कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-इन-चीफ के रूप में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Justice Sangam Kumar Sahoo तथा कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में Justice Sudhir Singh जुड़े हुए हैं. जागरुकता कार्यक्रम में विधिक सेवाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अक्सर कानूनी सहायता और अधिकारों की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है। BSLSA (बालसा) का मानना है कि जागरूकता बढ़ाकर ही उन्हें न्याय व्यवस्था से जोड़ा जा सकता है.
प्राधिकार के सदस्य सचिव पवन कुमार पांडेय ने मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि इस कार्यक्रम की व्यापक कवरेज से आम लोगों तक कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचेगी और न्याय तक पहुंच का मार्ग और सुलभ होगा. प्राधिकरण ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि वे अपने प्रतिनिधि, फोटोग्राफर और कैमरा टीम को उक्त जागरुकता कार्यक्रम में भेजें, ताकि कार्यक्रम की व्यापक कवरेज हो सके.