जनगणना 2027 का बिग प्लान: बिहार में 3 लाख कर्मी तैयार, 33 सवालों के साथ डिजिटल सर्वे की शुरुआत
जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के निदेशक एम. रामचंद्रुडू ने बताया कि 2027 की जनगणना देश का विशाल राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें पूरे देश में 32 लाख से अधिक लोग भाग लेंगे। बिहार में यह संख्या तीन लाख से अधिक होगी। इन कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी 140 मास्टर ट्रेनरों पर होगी, जो जिले-दर-जिले प्रशिक्षण का नेतृत्व करेंगे।
33 बिंदुओं पर होगा सर्वे, मोबाइल ऐप से होगी स्व-गणना
पहले चरण में मकान सूचीकरण और घर-घर सर्वे के दौरान 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी। खास बात यह है कि आम नागरिकों को स्व-गणना के लिए भी प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकें।
इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में होगी। कंपाइल शीट की जरूरत नहीं पड़ेगी, सभी डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड होंगे। निगरानी के लिए सेन्सस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) का उपयोग किया जाएगा, जिससे रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।
“राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ है जनगणना”
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिंहा ने कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। इससे विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतिगत निर्णयों की दिशा तय होती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सर्वे और 33 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी संग्रह से पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनरों और कर्मियों से इसे राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर पूरी निष्ठा से कार्य करने की अपील की।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
पहला चरण मकान सूचीकरण का है, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, जिसके लिए अलग प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर तैयार मॉड्यूल के आधार पर यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि हर कर्मी प्रक्रिया को गहराई से समझ सके।
डिजिटल तकनीक, व्यापक प्रशिक्षण और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ बिहार जनगणना 2027 में नई मिसाल कायम करने की तैयारी में है। आने वाले महीनों में यह अभियान राज्य के प्रशासनिक ढांचे की बड़ी परीक्षा भी होगा और उपलब्धि भी।