‘नहाय-खाय’ के साथ चैती छठ का शुभारंभ, गंगा घाटों पर उमड़ी आस्था- भक्ति में डूबा दानापुर

 
Bihar news: आस्था, परंपरा और शुद्धता का प्रतीक चैती छठ महापर्व रविवार से पूरे श्रद्धा भाव के साथ शुरू हो गया। पहले दिन ‘नहाय-खाय’ के साथ व्रतियों ने विधि-विधान से पूजा कर चार दिवसीय इस कठिन व्रत की शुरुआत की।

गंगा घाटों पर सुबह से ही व्रतियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पवित्र स्नान के बाद लोगों ने घरों में शुद्ध भोजन बनाकर प्रसाद ग्रहण किया। बीटा से घाट पहुंचीं गुणवती देवी बताती हैं कि इस दिन खास तौर पर चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल बनाकर प्रसाद के रूप में लिया जाता है, जिसमें शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

खरना से लेकर अर्घ्य तक की परंपरा
व्रत के दूसरे दिन ‘खरना’ होता है, जिसमें खीर-रोटी का प्रसाद बनाकर लोगों में बांटा जाता है। इसके बाद तीसरे दिन डूबते सूर्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर यह महापर्व संपन्न होता है।

दानापुर ग्रामीण क्षेत्र से आईं खुशबू देवी कहती हैं कि छठ सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि अनुशासन और आस्था का संगम है, जिसे पूरी साफ-सफाई और नियमों के साथ निभाया जाता है।

भक्ति और परंपरा का संगम
पटना के रूपसपुर से आईं 72 वर्षीय राजकुमारी देवी घाट पर छठ गीत गाते हुए नजर आईं। उनकी मधुर आवाज में गूंजते पारंपरिक गीतों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।

घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन ने भी इस महापर्व को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। नदी में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। नाविक लव मांझी के मुताबिक, किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के साथ ही दानापुर के घाटों पर आस्था, अनुशासन और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जहां हर श्रद्धालु भगवान सूर्य की उपासना में लीन है।

दानापुर से रणजीत कुमार की रिपोर्ट