22 मार्च से चैती छठ, पटना के 49 घाट तैयार, दीघा घाट पर बिखरे गिट्टी-पत्थर..व्रतियों की सुरक्षा पर सवाल...
Bihar: चैती छठ की शुरुआत 22 मार्च से हो रही है. इसे लेकर पटना के घाटों को तैयार किया जा रहा है. राजधानी के 49 घाटों पर इस बार श्रद्धालु अर्घ्य देंगे. पटना नगर निगम द्वारा पटना के घाटों पर तैयारियां की जा रही है, लेकिन कई घाटों पर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दीघा घाट के पास बैरिकेडिंग कर वॉच टावर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन घाट किनारे जमीन पर गिट्टी, ईंट, पत्थर बिखरे हुए हैं, जो श्रद्धालुओं के पैरों में चुभ सकते हैं.
दीघा घाट पर व्रतियों के आने जाने के लिए रास्ते बनाए गए. घाट पर बांस की बल्लियां लगाकर अर्घ्य देने के लिए सुरक्षित एरिए बनाया गया. दीघा घाट किनारे जमीन पर गिट्टी, ईंट, पत्थर बिखरे हुए हैं, जो श्रद्धालुओं के पैरों में चुभ सकते हैं.
कलेक्ट्रेट घाट पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 2 किलोमीटर पैदल चलना होगा. बांकीपुर क्लब के सामने से पैदल चल कर कलेक्ट्रेट घाट पर पहुंच सकते हैं. अंटा घाट और पीएमसीएच के बगल से गंगा पथ के रास्ते भी इस घाट तक पहुंचा जा सकता है. संपर्क पथ का काम अंतिम दौर में है. एक किमी से अधिक चौड़ाई वाले इस घाट को पीले और सफेद कपड़े से घेरा गया है. दरभंगा हाउस काली घाट, पटना कॉलेज घाट, कदम घाट, कृष्णा घाट और उससे आगे रानी घाट से लेकर गायघाट तक पक्का घाट से ही व्रती अर्घ्य दे सकेंगे. गंगा का पानी किनारे तक पहुंचने से व्रतियों को पैदल नहीं चलना पड़ेगा.
पटना नगर निगम द्वारा सभी गंगा घाटों और तालाबों की सफाई की जा रही है. रंग-रोगन, मरम्मत और समतलीकरण किया जा रहा है. सभी हाई-मास्ट लाइटों को 21 मार्च तक हर हाल में दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है. ‘ओपन वायर’ की जांच कर उन्हें ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी घाटों पर 3 लेवल बैरिकेडिंग और रेलिंग का निर्माण किया जा रहा है.
गंदगी या लापरवाही पर होगी कार्रवाई
घाटों के 1 किलोमीटर दायरे में गंदगी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित होगी. सड़कों और ओवरब्रिज की धुलाई के लिए जेटिंग मशीनों की तैनाती की जाएगी. निगम प्रशासन ने अंचलवार अधिकारियों की तैनाती कर दैनिक मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है.
8 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया
खतरनाक घाटों को पूरी तरह सील कर प्रवेश पर रोक है. साइनबोर्ड, बैनर और फ्लैक्स लगाए गए हैं, ताकि खतरनाक घाटों की पहचान हो सके. चैती छठ में जिला प्रशासन ने 8 घाटों को खतरनाक घोषित किया है. इसमें एलसीटी घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बांस घाट, शिव घाट, दीदारगंज घाट पूर्वी, रिकाबगंज घाट और बुंदेलटोली घाट शामिल हैं.