जदयू से निष्कासन के बाद छोटू सिंह का बड़ा बयान: ‘मैं नीतीश कुमार का हनुमान था, हूं और हमेशा रहूंगा’
Bihar news: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद पूर्व नेता अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद छोटू सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी से भले ही उन्हें बाहर कर दिया गया हो, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल से उन्हें कोई अलग नहीं कर सकता।
छोटू सिंह ने एक बार फिर खुद को नीतीश कुमार का “हनुमान” बताते हुए कहा कि उनकी निष्ठा पहले भी मुख्यमंत्री के प्रति थी और आगे भी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को संगठन से अलग किया जा सकता है, लेकिन वर्षों पुराने रिश्ते और विश्वास को खत्म नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि हाल ही में उनके चाचा का निधन हुआ है, जिसके कारण वह पारिवारिक शोक में हैं। इसके बावजूद उन्होंने निशांत कुमार से मुलाकात कर अपने भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त किया। छोटू सिंह ने कहा कि इस कठिन समय में भी उनका सम्मान और स्नेह नीतीश कुमार तथा उनके परिवार के प्रति पहले जैसा ही है।
पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से उनके समर्थन में दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों का मानना है कि उन्हें फिर से नीतीश कुमार के साथ रहना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ लोगों ने शीर्ष नेतृत्व तक गलत संदेश पहुंचाए, जिसकी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई हुई।
अपनी भूमिका पर सवाल उठने पर छोटू सिंह ने कहा कि यदि उनसे कोई गलती हुई है तो वह उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति से भूल हो सकती है और यदि संगठन को उनकी किसी बात से ठेस पहुंची है तो वह आत्ममंथन करने को तैयार हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी खुद को नीतीश कुमार या निशांत कुमार से अलग नहीं माना। उनके अनुसार, उनका राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध आज भी पहले जैसा ही है।
गौरतलब है कि जदयू ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छोटू सिंह को छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही बिहार सरकार ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव पद से भी हटा दिया है। ऐसे में निष्कासन के बाद निशांत कुमार से उनकी मुलाकात और दिए गए बयान ने बिहार की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।