बंगाल में ‘बदलाव’ का दावा: संजय जायसवाल बोले- जनता के गुस्से ने ममता सरकार को किया साफ, कांग्रेस पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से वे बंगाल में संगठन के काम में सक्रिय थे और वहां की जनता सिर्फ एक ही मांग कर रही थी बिना डर और गड़बड़ी के मतदान का अधिकार। जायसवाल के मुताबिक, इस बार चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों की मुस्तैदी के कारण मतदाताओं को खुलकर वोट देने का मौका मिला, जिससे परिणाम निष्पक्ष रूप से सामने आए।
“जनता ने बदलाव के पक्ष में दिया निर्णायक वोट”
संजय जायसवाल ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव का ही परिणाम है कि ममता बनर्जी की सरकार को करारा झटका लगा है। उन्होंने इसे जनता और भाजपा के लंबे संघर्ष की जीत बताया और कहा कि जब लोकतंत्र में लोगों को स्वतंत्र रूप से अपनी राय रखने का अवसर मिलता है, तो तानाशाही सोच वाली सरकारों का अंत तय होता है।
राहुल गांधी पर तीखा हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव परिणामों पर उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस को अपनी “दोहरी नीति” छोड़नी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या केरल में कांग्रेस की जीत भी “लोकतंत्र की हत्या” के जरिए हुई है? उनके अनुसार, कांग्रेस को जनादेश का सम्मान करना सीखना चाहिए।
पीएम मोदी के दौरे को बताया ‘सकारात्मक संकेत’
बिहार में एनडीए सरकार के आगामी शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित मौजूदगी पर भी जायसवाल ने उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का बिहार आना राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिरता का बड़ा संकेत है, और यहां की जनता हमेशा उनका गर्मजोशी से स्वागत करती है।
‘डबल इंजन सरकार’ पर भरोसा
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में एनडीए सरकार आने वाले समय में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जहां एक ओर सरकार जनहित के कामों में जुटी है, वहीं विपक्ष केवल बयानबाजी तक सीमित है।
बंगाल चुनाव के नतीजों और बिहार की सियासत को जोड़ते हुए भाजपा सांसद का यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर गया है।