बाढ़ के बीच ग्राउंड पर उतरे CM सम्राट चौधरी, राहत शिविरों में पहुंचकर खुद परोसा खाना; व्यवस्थाओं की हो रही चर्चा
Bihar news: बिहार में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे और राहत कार्यों की सीधे निगरानी को लेकर चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री ने वैशाली और सारण का दौरा कर हाजीपुर और सोनपुर में संचालित राहत शिविरों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से उनकी समस्याएं पूछीं और वहां मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने लोगों को स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री का यह अंदाज राहत शिविर में रह रहे लोगों के बीच खास तौर पर चर्चा में रहा।
बच्चों से पढ़ाई और भोजन की ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में संचालित आंगनबाड़ी और शैक्षणिक गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, खान-पान और दूसरी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। वहीं स्वास्थ्य शिविरों का जायजा लेते हुए त्वरित उपचार की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
पशु चिकित्सा शिविरों में भी पर्याप्त दवाओं और पशु चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। बाढ़ में डूबने से जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की गई।
किसानों को फसल नुकसान का मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की बात कही।
उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान में तैनात अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ काम करने और प्रभावित परिवारों की जरूरत के मुताबिक आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
12 राहत शिविरों में 7,368 लोगों के रहने की व्यवस्था
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य में 12 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में 7,368 लोगों के रहने, भोजन, इलाज और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
प्रभावित इलाकों में भोजन उपलब्ध कराने के लिए 238 सामुदायिक रसोई केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों को 5.12 लाख थाली भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
राहत सामग्री के तौर पर जरूरतमंद परिवारों के बीच 92,600 पॉलीथिन शीट और 19,100 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।
NDRF-SDRF की टीमें और 1,740 नावें तैनात
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान के लिए 1,740 नावों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में मदद के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें तैनात हैं।
प्रशासन की ओर से जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव संसाधनों को तत्काल संबंधित क्षेत्रों में भेजा जा सके।
राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने भी बताई अपनी स्थिति
राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखी। वैशाली के नरेश भगत ने बताया कि शिविर में भोजन और दवाइयों के साथ पशुओं के लिए चारे की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के शिविर में पहुंचने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया।
पटना के त्रिभुवन राय ने भी राहत शिविर में भोजन, दवा और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलने की बात कही। वहीं संध्या देवी ने बताया कि उनके बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन और दूध मिल रहा है।
पटना के ही सूर्यनारायण ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई बार बाढ़ देखी है, लेकिन इस बार राहत और बचाव की तैयारियां उन्हें अधिक व्यवस्थित नजर आईं। उन्होंने कहा कि दवाइयों से लेकर पशुओं के खान-पान तक की व्यवस्था की गई है और मुख्यमंत्री स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
बाढ़ की चुनौती के बीच मुख्यमंत्री का प्रभावित इलाकों में पहुंचना और राहत शिविरों में लोगों से सीधे संवाद करना सरकार के ग्राउंड-लेवल रिस्पॉन्स को सामने रखता है। फिलहाल प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने, भोजन-चिकित्सा उपलब्ध कराने और जरूरत के अनुसार तत्काल राहत पहुंचाने पर है।