दानापुर नगर परिषद की आमसभा बैठक में कुर्सियों को लेकर खड़ा हुआ विवाद, पार्षदों ने फाड़ी प्रोसिडिंग की कॉपी...

बैठक शुरू होते ही सभागार में कुर्सियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया. पार्षदों ने सवाल उठाया कि सशक्त समिति और सामान्य पार्षदों के लिए अलग-अलग कुर्सियां क्यों लगाई गई हैं. इस दौरान सशक्त समिति के सदस्य गोपाल प्रसाद ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि “सशक्त समिति के सदस्य गंगाजल हैं और बाकी पार्षद नल का जल.” इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ. मामला तब शांत हुआ जब अगली बैठक में सीटों की व्यवस्था बदलने का आश्वासन दिया गया.
 
Bihar Desk: बैठक शुरू होते ही सभागार में कुर्सियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया. पार्षदों ने सवाल उठाया कि सशक्त समिति और सामान्य पार्षदों के लिए अलग-अलग कुर्सियां क्यों लगाई गई हैं. इस दौरान सशक्त समिति के सदस्य गोपाल प्रसाद ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि “सशक्त समिति के सदस्य गंगाजल हैं और बाकी पार्षद नल का जल.” इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ. मामला तब शांत हुआ जब अगली बैठक में सीटों की व्यवस्था बदलने का आश्वासन दिया गया.

Bihar Desk: दानापुर नगर परिषद की आमसभा बैठक हंगामेदार रही. दानापुर नगर परिषद से है जहां पार्षदों की बैठक में जम कर हंगामा हुआ. पार्षदों ने प्रोसिडिंग की कॉपी फाड़ कर मुख्य पार्षद के मुंह पर फेंक दिया और उप मुख्य पार्षद ने बैठक का बहिष्कार किया. मिली जानकारी के अनुसार करीब छः महीने के बाद आयोजित नगर परिषद की बैठक शुरू से ही हंगामेदार रही. 

मुख्य पार्षद शिल्पी कुमारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई मुद्दों पर पार्षदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली. बैठक शुरू होने से पहले ही उपमुख्य पार्षद सरिता कुमार गुस्से में सभागार से बाहर निकल गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में रखे जाने वाले एजेंडा और योजनाओं की पूर्व जानकारी पार्षदों को नहीं दी गई थी.

बैठक शुरू होते ही सभागार में कुर्सियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया. पार्षदों ने सवाल उठाया कि सशक्त समिति और सामान्य पार्षदों के लिए अलग-अलग कुर्सियां क्यों लगाई गई हैं. इस दौरान सशक्त समिति के सदस्य गोपाल प्रसाद ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि “सशक्त समिति के सदस्य गंगाजल हैं और बाकी पार्षद नल का जल.” इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ. मामला तब शांत हुआ जब अगली बैठक में सीटों की व्यवस्था बदलने का आश्वासन दिया गया.

कार्यवाही के दौरान कई पार्षदों ने योजनाओं में पक्षपात का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई. इसी बीच तीखी बहस झगड़े में बदल गई और कुछ पार्षद आपस में भिड़ गए, जिससे माहौल अफरा-तफरी भरा हो गया. नाराज पार्षद मुन्ना महतो ने प्रोसीडिंग कॉपी फाड़ दी और बैठक से बाहर चले गए.

बैठक में पार्षद दो गुटों में बंटकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे. हालांकि कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है, जबकि जिन योजनाओं पर विरोध हुआ है, उन्हें पुनर्विचार के लिए रखा गया है. इस अवसर पर नगर प्रबंधक अमरेंद्र कुमार, ब्रजेश कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी अर्पणा कुमारी सहित सभी पार्षद मौजूद थे.