सहकारिता मंत्री का बड़ा फैसला: 1 दिसंबर से प्रमंडलवार धान अधिप्राप्ति की कड़ी समीक्षा, 36.85 लाख MT लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश
Bihar News: खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में धान अधिप्राप्ति को रफ्तार देने के लिए सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने विभागीय समीक्षा बैठक में अफसरों को सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। मंत्री ने कहा कि इस सीजन में 36.85 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य हर स्थिति में तय समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए।
1 दिसंबर से होगी प्रमंडलवार धान अधिप्राप्ति की समीक्षा
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने घोषणा की कि 1 दिसंबर 2025 से सभी प्रमंडलों की धान अधिप्राप्ति प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी।
इसमें मुख्यालय स्तर के नोडल अधिकारी, संयुक्त निबंधक, जिला सहकारिता पदाधिकारी और प्रखंड स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
48 घंटे में किसानों को भुगतान अनिवार्य
मंत्री ने निर्देश दिया कि
• धान खरीद के बाद 48 घंटे के अंदर किसानों के नामित बैंक खाते में भुगतान PFMS के माध्यम से कराना सुनिश्चित किया जाए।
• अधिप्राप्ति केंद्रों पर किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रचार-प्रसार पर जोर, ताकि हर किसान को मिले MSP का लाभ
सहकारिता मंत्री ने कहा कि धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम का वृहद प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि अधिकतम किसान पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से धान बेचकर MSP का लाभ उठा सकें।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2025-26
• साधारण धान – ₹2369 प्रति क्विंटल
• ग्रेड-A धान – ₹2389 प्रति क्विंटल
बिहार के अधिकतर जिलों में धान अधिप्राप्ति शुरू
• कोसी, पूर्णिया, तिरहुत, दरभंगा और सारण प्रमंडल में 1 नवंबर 2025 से
• शेष जिलों में 15 नवंबर 2025 से
धान अधिप्राप्ति शुरू हो चुकी है।
किसानों की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी
जो किसान धान बेचना चाहते हैं, उन्हें
• कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर निबंधन,
• भूमि संबंधी विवरण अपलोड,
• और केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना आवश्यक है।
रैयती किसानों के लिए आवश्यक दस्तावेज:
• वोटर आईडी / बैंक पासबुक / ड्राइविंग लाइसेंस (कोई एक)
• पोर्टल पर अपलोड भूमि विवरण
गैर-रैयती किसानों के लिए:
• सिस्टम जनरेटेड स्वघोषणा-पत्र
• किसान सलाहकार/कृषि समन्वयक और वार्ड सदस्य/मुखिया/जिला परिषद सदस्य के हस्ताक्षर
• पहचान पत्र (उपरोक्त में से कोई एक)
भोजपुर जिले की समीक्षा: पारदर्शी धान खरीद पर मंत्री का जोर
भोजपुर जिले की समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिया कि:
• अधिक से अधिक इच्छुक किसानों से पारदर्शी धान खरीद सुनिश्चित की जाए
• मुख्यमंत्री कृषि संयंत्र योजना, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, PM किसान समृद्धि केंद्र और अन्य योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए
• नए चयनित गोदामों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए
• सहकारी बैंक अपने डिपॉजिट बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करे
• सभी समितियों का समय पर अंकेक्षण सुनिश्चित किया जाए
अधिप्राप्ति में गड़बड़ी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई
मंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि यदि किसी केंद्र पर शिकायत मिलती है तो
• तत्काल जांच
• जिम्मेदारों पर कार्रवाई
• किसानों को धान खरीद, भुगतान और चावल आपूर्ति में किसी भी स्तर पर बाधा न हो
यह सुनिश्चित किया जाए।
अंतिम लक्ष्य: तय समय में पूरा हो 36.85 लाख MT धान क्रय
सहकारिता मंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं- लक्ष्य भी बड़ा, और सरकार की निगरानी भी कड़ी। अब देखना होगा कि विभागीय टीमें इस अधिप्राप्ति सीजन को कितनी सुचारू और पारदर्शी तरीके से अंजाम देती हैं।