सहकारिता को नई ताकत: पूसा प्रशिक्षण केंद्र का कायाकल्प, युवाओं के रोजगार पर मंत्री राम कृपाल यादव का जोर
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कंप्यूटर कक्ष, पुस्तकालय, सभा कक्ष, छात्रावास और प्राचार्य आवास जैसी नई सुविधाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसके जरिए युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
मंत्री ने शहद, मखाना, मत्स्य, बुनकर तथा कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों में प्राथमिक सहकारी समितियों के गठन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट, जन औषधि केंद्र, पेट्रोल पंप और अन्य ग्रामीण उद्यमों का सफल संचालन भी सहकारिता मॉडल के तहत किया जा सकता है।
उन्होंने वेजफेड को पंचायत और ग्रामीण स्तर तक अधिक सशक्त बनाने की जरूरत बताते हुए कहा कि इससे किसानों और उत्पादकों को बेहतर बाजार और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे अधिकारियों, कर्मचारियों और पैक्स प्रतिनिधियों की कार्यकुशलता बढ़ती है, जिससे सहकारी संस्थाओं का संचालन अधिक प्रभावी बनता है।
1 जून से 3 जून तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में प्रतिभागियों को ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में तैयार किया गया। ये प्रशिक्षक आगामी चरणों में राज्यभर के पैक्स प्रतिनिधियों और सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने प्रशिक्षण केंद्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया और निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, प्रशिक्षक और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।