‘डांस, हथियार और वायरल वीडियो’… JDU विधायक अनंत सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने नहीं दी राहत
इस मामले में अनंत सिंह को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है। विधायक की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी पर रोक की याचिका पर सुनवाई करने से गोपालगंज के एडीजे-1 संजीव कुमार सिंह की अदालत ने इंकार कर दिया। कोर्ट ने मामला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता की अदालत में ट्रांसफर कर दिया है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस की अगली सुनवाई 15 मई को होगी, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
‘वीडियो एडिटेड है’… बचाव पक्ष का दावा
विधायक पक्ष की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन और राजेश कुमार पाठक ने अदालत में दलील दी कि पूरा मामला राजनीतिक साजिश के तहत तैयार किया गया है। उन्होंने वायरल वीडियो को “एडिटेड और भ्रामक” बताते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
फॉरेंसिक और बैलेस्टिक जांच में जुटी पुलिस
दूसरी तरफ पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। वायरल वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि उसकी सत्यता की पुष्टि हो सके। वहीं हथियारों के प्रदर्शन वाले वीडियो की बैलेस्टिक जांच भी कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और धाराएं तय की जाएंगी।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 2 और 3 मई को सेमरांव गांव में आयोजित एक उपनयन समारोह के दौरान कथित तौर पर अश्लील डांस, खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन और पैसे उड़ाने की घटना हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अनंत सिंह की मौजूदगी भी दिखाई देने का दावा किया गया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
इसी आधार पर विधायक समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष भी हमलावर हो गया है और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
15 मई की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले में 15 मई की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। कोर्ट का अगला रुख तय करेगा कि अनंत सिंह को राहत मिलेगी या कानूनी शिकंजा और कस सकता है। फिलहाल यह मामला बिहार की राजनीति, कानून और सोशल मीडिया तीनों के केंद्र में बना हुआ है।