दरभंगा को मिलेगी आधुनिक परिवहन सुविधा, बस टर्मिनल के कायाकल्प का रास्ता हुआ साफ

 
Bihar news: उत्तर बिहार के प्रमुख परिवहन केंद्रों में शामिल दरभंगा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बस पड़ाव की सैरात भूमि को सैरात सूची से मुक्त करने की मंजूरी दे दी है, जिसके बाद लंबे समय से प्रस्तावित विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार यात्रियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दरभंगा का बस टर्मिनल उत्तर बिहार के लाखों लोगों की आवाजाही का महत्वपूर्ण केंद्र है और इसके आधुनिक स्वरूप में विकसित होने से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सैरात विमुक्ति से पहले भूमि से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों, स्थल निरीक्षण रिपोर्ट, नक्शा, राजस्व अभिलेख और प्रशासनिक अनुशंसाओं की विस्तृत जांच की गई। सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

करीब 8.67 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस अत्याधुनिक बस टर्मिनल में यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, विश्रामालय, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था, स्वच्छ परिसर और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नगर विकास एवं आवास विभाग को परियोजना के क्रियान्वयन के लिए पहले ही सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी थी, जबकि अब भूमि संबंधी बाधा भी दूर हो गई है।

मंत्री ने कहा कि सरकार जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आने वाली बाधाओं को दूर कर रही है। दरभंगा बस टर्मिनल के विकास से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर के शहरी विकास, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती मिलेगी।

सरकार का मानना है कि आधुनिक बस टर्मिनल बनने के बाद दरभंगा उत्तर बिहार के एक महत्वपूर्ण परिवहन हब के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।