CMO से दीपक कुमार की विदाई, अब आपदा प्रबंधन की कमान; सम्राट सरकार ने सौंपी नई जिम्मेदारी
Bihar News: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में बुधवार को बड़ा बदलाव हुआ। लंबे समय तक मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम जिम्मेदारी संभालने वाले सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 30 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के बाद सामने आई।
नई जिम्मेदारी में दीपक कुमार को कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा मिलेगा। ऐसे समय में उन्हें आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई है, जब राज्य में बाढ़ समेत कई प्राकृतिक आपदाओं से निपटना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
करीब साढ़े पांच साल बाद CMO से बाहर
दीपक कुमार 1984 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद भी वह मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े रहे और लंबे समय तक प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभाली।
रिपोर्टों के मुताबिक, वह करीब 66 महीने तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद पर रहे। मुख्यमंत्री बदलने के बाद भी वह सीएमओ में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे। अब उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर नई भूमिका दी गई है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में क्यों अहम है नई जिम्मेदारी?
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का काम केवल आपदा आने के बाद राहत तक सीमित नहीं है। आपदा से पहले तैयारी, जोखिम कम करने, आपदा प्रबंधन की योजनाएं बनाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी भी इसकी जिम्मेदारियों का हिस्सा है।
दीपक कुमार को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ और अत्यधिक बारिश के कारण प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है। ऐसे में प्राधिकरण के स्तर पर आपदा से पहले की तैयारी और बेहतर समन्वय भी महत्वपूर्ण रहेगा।
उदय कांत मिश्रा के बाद खाली था पद
BSDMA के उपाध्यक्ष का पद पूर्व उपाध्यक्ष उदय कांत मिश्रा का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुआ था। अब सरकार ने इस पद पर दीपक कुमार की नियुक्ति की है।
प्राधिकरण के अध्यक्ष पदेन रूप से मुख्यमंत्री होते हैं। ऐसे में उपाध्यक्ष के तौर पर दीपक कुमार की जिम्मेदारी राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े कामों में महत्वपूर्ण होगी।
बिहार के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं
दीपक कुमार का प्रशासनिक करियर काफी लंबा रहा है। वह बिहार के मुख्य सचिव रह चुके हैं और राज्य के अलग-अलग जिलों में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
उनके अनुभव में राज्य सरकार के अलावा केंद्र सरकार से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल रही हैं। वह NHAI के चेयरमैन और ESIC के महानिदेशक जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं।
2018 में संभाली थी मुख्य सचिव की जिम्मेदारी
दीपक कुमार ने 31 मई 2018 को बिहार के मुख्य सचिव का पद संभाला था। इसके बाद से वह राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे।
सेवानिवृत्ति के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका जारी रही। इसी वजह से लंबे समय तक वह बिहार के शीर्ष प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बने रहे।
अब बाढ़ और आपदा प्रबंधन पर रहेगा फोकस
नई जिम्मेदारी के साथ दीपक कुमार के सामने राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने की चुनौती होगी। बाढ़, अतिवृष्टि, आंधी-वज्रपात समेत अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयारी, जोखिम का आकलन और विभागों के बीच समन्वय जैसे मुद्दे प्राधिकरण के काम में अहम रहेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से उनकी विदाई को बिहार के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, सरकार ने उन्हें जिस प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी है, वह मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भी काफी महत्वपूर्ण है। अब उनकी नई भूमिका में प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने में किस तरह होता है, इस पर नजर रहेगी।