ज्वेलरी सेक्टर में बड़े सुधारों की मांग: चिराग पासवान को AIJGF ने सौंपे चार अहम नीति प्रस्ताव
Bihar news: भारतीय ज्वेलरी उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारों को लेकर ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से मुलाकात की। बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं लोजपा (रामविलास) व्यवसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्वेलरी उद्योग से जुड़े चार प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत नीति-प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि देश का ज्वेलरी उद्योग लगभग 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका से जुड़ा है और यह एमएसएमई, रोजगार, निर्यात, विदेशी मुद्रा बचत तथा वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में उद्योग से जुड़े सुधार राष्ट्रीय आर्थिक विकास के लिए भी जरूरी हैं।
चार प्रमुख सुधारों पर रखा प्रस्ताव
AIJGF ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-317 के तहत पूरे देश में एक समान जांच प्रक्रिया लागू करने की मांग की, ताकि ईमानदार ज्वेलर्स को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय साहूकारी नीति लागू करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि अलग-अलग राज्यों में अलग कानून होने से व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक समान नीति से पारदर्शिता बढ़ेगी और एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
बैठक में राष्ट्रीय बुलियन बैंक व्यवस्था और स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में सुधार का प्रस्ताव भी रखा गया। AIJGF का मानना है कि देश में घरों, मंदिरों और संस्थानों में पड़े निष्क्रिय स्वर्ण को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़कर आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है और विदेशी मुद्रा की बचत संभव है।
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय स्वर्ण एवं रजत मूल्य प्राधिकरण के गठन की भी मांग की। फेडरेशन का कहना है कि पूरे देश के लिए एक आधिकारिक संदर्भ मूल्य तय होने से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा और छोटे ज्वेलर्स को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा।
अशोक कुमार वर्मा ने क्या कहा?
AIJGF के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं लोजपा (रामविलास) व्यवसायिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि ज्वेलरी उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आजीविका का आधार है। उन्होंने सरकार से ऐसी नीतियां बनाने का आग्रह किया जो उद्योग को सुरक्षित, पारदर्शी, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकें।
चिराग पासवान ने दिया सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि ज्वेलरी उद्योग से जुड़े इन सुझावों पर संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सकारात्मक पहल की जाएगी।
बैठक में पंकज अरोरा, सागर केसरवानी, अजय भंडारी, अजय अग्रवाल और सुरेंद्र जैन सहित AIJGF और लोजपा (रामविलास) के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। फेडरेशन ने उम्मीद जताई कि इन चार प्रमुख नीति प्रस्तावों पर अमल होने से भारतीय ज्वेलरी उद्योग अधिक संगठित, पारदर्शी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।