2047 का विकसित बिहार विज़न: हैदराबाद में जुटेंगे देशभर के निवेशक

 

Bihar news: बिहार के विकास और पलायन की समस्या को लेकर शुरू किए गए ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ (Let’s Inspire Bihar – LIB) अभियान के तहत 18 जनवरी 2026 को हैदराबाद में ‘बिहार विकास शिखर सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन हैदराबाद के टी-हब (T-Hub) किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दक्षिण भारत में रह रहे बिहार मूल के उद्यमियों, निवेशकों और प्रोफेशनल्स को बिहार से जोड़ना और राज्य में रोजगार, निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इस अभियान का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी विकास वैभव कर रहे हैं।

पलायन रोकने और रोजगार बढ़ाने पर फोकस

‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान बिहार से हो रहे पलायन को रोकने की दिशा में काम कर रहा है। अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, उद्योग और नवाचार जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिल सकें।

आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है।

2047 तक विकसित बिहार का लक्ष्य

अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि इसका दीर्घकालिक लक्ष्य बिहार को 2047 तक एक विकसित राज्य बनाना है। इसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की जा रही है।

कई बड़े नाम होंगे शामिल

इस शिखर सम्मेलन में बिहार और देश के कई जाने-माने उद्यमी, निवेशक, स्टार्टअप विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि शामिल हुए हैं। कई विधायक और उद्योग जगत से जुड़े लोग भी इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं।

पहले भी हो चुके हैं बड़े आयोजन

‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के तहत इससे पहले भी कई अहम कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं—
    •    दिसंबर 2025 में बेंगलुरु में बिहार @47 विज़न कॉन्क्लेव सीजन-3 का आयोजन
    •    अगस्त 2025 में पटना में स्टार्ट-अप समिट 2025
इन आयोजनों में बिहार में निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ था।

अभियान का मकसद

लेट्स इंस्पायर बिहार एक जन आंदोलन के रूप में उभर रहा है, जिसका उद्देश्य बिहार की बौद्धिक क्षमता और उद्यमी परंपरा को फिर से मजबूत करना है। यह अभियान प्रवासी बिहारियों को राज्य के विकास से जोड़ने का मंच बन रहा है, ताकि बिहार में नए उद्योग, स्टार्टअप और रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।