पटना में विकास योजनाओं पर DM का सख्त रुख, पंचायत भवन बंद मिला तो BPRO पर होगी कार्रवाई; अस्पतालों में डॉक्टरों की डिजिटल होगी निगरानी
Bihar News: जिले में चल रही विकास और कल्याणकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को लेकर जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी काम तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे करने होंगे।
बैठक में पंचायत सरकार भवनों से लेकर औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन, सरकारी भवनों के कायाकल्प, अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति, लोक शिकायत और भू-अर्जन जैसे कई अहम मुद्दों की समीक्षा की गई।
पंचायत सरकार भवन बंद मिला तो तय होगी जवाबदेही
डीएम ने जिले के सभी पंचायत सरकार भवनों को पूरी तरह क्रियाशील रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन भवनों में तैनात कर्मियों की नियमित उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए।
कर्मचारियों के वेतन भुगतान को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। यदि जांच में कोई पंचायत सरकार भवन बंद या गैर-क्रियाशील पाया जाता है तो संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) की जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई होगी।
अनुमंडल पदाधिकारियों को भी अपने क्षेत्र के पंचायत सरकार भवनों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
उद्योगों के लिए बनेगा लैंड बैंक
पटना जिले में औद्योगिक इकाइयों और बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। डीएम ने सभी अंचल अधिकारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान कर लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही उद्योग और उद्यम से जुड़े आवेदन, एनओसी, क्लीयरेंस और लाइसेंस के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समय पर निपटारा करने को कहा गया है।
स्कूल से अस्पताल तक होगा कायाकल्प
बैठक में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ अभियान की भी समीक्षा की गई। इसके तहत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों और दूसरी सरकारी परिसंपत्तियों में जरूरी सुधार कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया।
स्कूलों की वास्तविक समस्याओं और बच्चों की जरूरतों को समझने के लिए मीना मंच और बाल संसद के माध्यम से भी जानकारी जुटाने को कहा गया है। इससे संबंधित संस्थानों में जरूरी सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा सकेगा।
अस्पतालों में डॉक्टरों की मौजूदगी पर भी नजर
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर डीएम ने सिविल सर्जन को अस्पतालों में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
अस्पतालों में डिजिटल डिस्प्ले लगाने को भी कहा गया है। इस डिस्प्ले पर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक का नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी भी प्रमुख स्थानों पर साफ तौर पर प्रदर्शित करनी होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को यह जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है कि अस्पताल में कौन-कौन सी सेवाएं और चिकित्सकीय सुविधाएं मौजूद हैं।
लोक शिकायतों का समय पर होगा निपटारा
समीक्षा बैठक में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम और न्यायालय से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई।
डीएम ने अधिकारियों को सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया गया।
भू-अर्जन में मुआवजे के लिए लगेंगे विशेष कैंप
विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए चल रहे भू-अर्जन की भी समीक्षा की गई। डीएम ने मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तेज करने के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिन जमीनों का भू-अर्जन पूरा हो चुका है, उनका तत्काल दाखिल-खारिज कराया जाए, ताकि परियोजनाओं से जुड़े काम में अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में उप विकास आयुक्त शुभम कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
अधिकारियों को समयसीमा के साथ काम करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में डीएम का मुख्य जोर योजनाओं के क्रियान्वयन, सरकारी सेवाओं की निगरानी और लंबित मामलों के समय पर निपटारे पर रहा। पंचायत स्तर से लेकर अस्पताल और बड़ी आधारभूत परियोजनाओं तक अधिकारियों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।