न्यूजीलैंड से पितृपक्ष मेले के शुभारंभ में वर्चुअली जुड़े डॉ. प्रेम कुमार, बोले- श्रद्धा, सेवा और स्वच्छता का आदर्श बनेगा गयाजी का मेला

 

Newshaat Desk: गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 की शुरुआत के अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार न्यूजीलैंड प्रवास से वर्चुअल माध्यम के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से गयाजी पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए मेले को श्रद्धा, सेवा, स्वच्छता और सुव्यवस्था का आदर्श बनाने की अपील की।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गयाजी सिर्फ एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि सनातन आस्था, श्रद्धा और मोक्ष की पवित्र भूमि है। फल्गु नदी के तट पर स्थित विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट, सीताकुंड, प्रेतशिला और रामशिला जैसे धार्मिक स्थलों पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना से पिंडदान और तर्पण करने पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा को बताया प्राथमिकता

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पितृपक्ष मेले में आने वाले हर श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता, पेयजल, बिजली, यातायात, सुरक्षा, चिकित्सा, आवासन और सूचना व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।

रेलवे स्टेशन, प्रमुख वेदियों और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

गयाजी के विकास कार्यों का किया जिक्र

डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सड़क, यातायात, जलापूर्ति, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की हृदय योजना के तहत ब्रह्म सरोवर, वैतरणी और सीताकुंड समेत कई महत्वपूर्ण वेदियों के सौंदर्यीकरण का काम हुआ है। वहीं विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास की दिशा में बिहार सरकार के मंत्रिमंडल की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति दिए जाने की बात भी उन्होंने कही।

‘अतिथि देवो भवः’ की भावना से करें श्रद्धालुओं का स्वागत

विधानसभा अध्यक्ष ने जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, रेलवे, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और मेले की व्यवस्था में जुटे कर्मचारियों व स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने गयाजी के लोगों से अपील की कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना से व्यवहार करें और मेला क्षेत्र में स्वच्छता एवं सुव्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गयाजी आने वाला हर श्रद्धालु यहां से आस्था, शांति और सुखद अनुभव लेकर वापस लौटे, यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से मिलकर पितृपक्ष मेला-2026 को श्रद्धा, सेवा, स्वच्छता और सुव्यवस्था का उदाहरण बनाने की अपील की।