शिक्षा से ही बदल सकता है समाज, शिक्षक आने वाली पीढ़ी के निर्माता: श्रवण कुमार
Bihar news: ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री और जदयू विधायक दल के नेता श्री श्रवण कुमार ने कहा कि शिक्षा समाज और देश को बदलने की सबसे बड़ी ताकत है। एक बेहतर शिक्षक सैकड़ों विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बनने वाले युवाओं की जिम्मेदारी सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें बच्चों में संस्कार, नैतिक मूल्य और व्यवहारिक ज्ञान भी विकसित करना होगा।
मंत्री बुधवार को नालंदा स्थित महाबोधि बीएड महाविद्यालय में सत्र 2026-28 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीएड की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भविष्य की पीढ़ी को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी निभानी है।
केवल डिग्री नहीं, संस्कार और ज्ञान भी जरूरी
श्रवण कुमार ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने के उद्देश्य से पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। एक अच्छे शिक्षक के लिए विषय की जानकारी के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, संस्कार और व्यावहारिक समझ का होना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अच्छा शिक्षक वही बन सकता है, जो खुद भी एक अच्छा विद्यार्थी रहा हो। शिक्षक अपनी सोच और व्यवहार से बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है।
354 निजी बीएड कॉलेजों को लेकर सरकार का फैसला
मंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के 354 निजी बीएड कॉलेजों में बीएड के अलावा अन्य विषयों की पढ़ाई की अनुमति मिलने से विद्यार्थियों को काफी सुविधा होगी। अब उन्हें स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने की दिशा में किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
14 साल में 1400 विद्यार्थी बने शिक्षक
महाबोधि बीएड महाविद्यालय की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि संस्थान ने करीब 14 वर्षों का सफर पूरा किया है। इस दौरान यहां से लगभग 1,400 विद्यार्थी प्रशिक्षण लेकर शिक्षक बन चुके हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली और समर्पित शिक्षकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मेहनत से ही हासिल होगा लक्ष्य
कार्यक्रम में 38वीं बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल राजेश बहरी ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है और अपनी पहचान व्यक्ति को खुद बनानी पड़ती है।
महाविद्यालय के सचिव राजेंद्र प्रसाद ने भी विद्यार्थियों को नियमित रूप से पढ़ाई करने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार, जेपी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के सचिव शैलेश कुमार, एनसीसी के सुबेदार मेजर ललिन्द्र टिग्गा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, पदाधिकारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।