सम्राट युग की शुरुआत, लेकिन ‘नीतीश मॉडल’ कायम: नई सरकार में दिखा संतुलन, निशांत की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का केंद्र
हालांकि, उनके बेटे निशांत कुमार की गैरमौजूदगी ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को हवा दे दी है।
नई सरकार में अनुभव और संतुलन की झलक
नई कैबिनेट में विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह साफ संकेत है कि गठबंधन ने अनुभव और राजनीतिक संतुलन को प्राथमिकता दी है।
नीतीश मॉडल पर चलेगी नई सरकार
शपथ के बाद विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट कहा कि नई सरकार नीतीश कुमार के विकास मॉडल और कार्यशैली को ही आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि यह मॉडल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भाजपा, जदयू और सहयोगी दलों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
सम्राट नेतृत्व, लेकिन पुरानी दिशा बरकरार
संकेत साफ हैं कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उसी विकास पथ पर आगे बढ़ना चाहते हैं, जो अब तक राज्य में लागू रहा है। यानी सत्ता बदली है, लेकिन नीति और दिशा में निरंतरता बनी रहेगी।
बयानबाज़ी से गरमाया सियासी माहौल
वहीं, सियासत में बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। तेजश्वी यादव के ‘लालू की पाठशाला’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए बिजेंद्र प्रसाद यादव ने तंज कसते हुए कहा- “वे खुद किस पाठशाला के हैं?”