नगर निगम में सशक्त स्थायी समिति बैठक सम्पन्न : पितृपक्ष में गयाजी आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा, सफाई-रोशनी और पेयजल पर नगर निगम का विशेष फोकस
Gaya Ji: नगर निगम सभागार में शनिवार को मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई। बैठक का संचालन समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। बैठक में आगामी पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर सफाई, रोशनी, पेयजल, कचरा प्रबंधन और तीर्थयात्रियों की सुविधा पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, सशक्त स्थायी समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, मनोज कुमार, सारिका कुमारी, उपेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। मेयर ने कहा कि सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है और गयाजी की पहचान भी पितृपक्ष से है। एक पखवारे में देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र की सफाई आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था ऐसी होगी कि पूरा मेला क्षेत्र चकाचक दिखाई दे। खराब स्ट्रीट लाइट और रोपवे लाइट को दुरुस्त करने के लिए टीम गठित की गई है। जरूरत पड़ने पर नए लाइट भी लगाए जाएंगे, ताकि रात में भी मेला क्षेत्र रोशनी से जगमग रहे और तीर्थयात्रियों को परेशानी नहीं हो।
कचरे पर होगा इत्र का छिड़काव
मेला क्षेत्र से निकलने वाले कचरे से बदबू नहीं फैले, इसके लिए कचरे पर इत्र का छिड़काव कराया जाएगा। कचरे को पूरी तरह ढककर रखा जाएगा। मेयर ने कहा कि मेला क्षेत्र में सफाई सबसे महत्वपूर्ण है। सफाईकर्मियों को ड्रेस कोड में रहकर काम करना होगा। सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेला क्षेत्र का प्रतिदिन जायजा लिया जाएगा और किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
वाटर एटीएम की खरीदारी में देरी पर भड़के मेयर व सशक्त स्थायी समिति सदस्य
मेला क्षेत्र में शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 सोलर वाटर एटीएम लगाने का निर्णय पूर्व की बैठक में लिया गया था। लेकिन अब तक इसकी खरीदारी नहीं होने पर मेयर गणेश पासवान व सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने संबंधित कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार और सहायक अभियंता सोनम कुमारी के प्रति नाराजगी जताई। वैट-प्याऊ निर्माण में देरी पर भी उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताया।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं और ऐसे समय में जरूरी सामग्री की खरीदारी नहीं होना गंभीर मामला है। बैठक में कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगने तथा सहायक अभियंता सोनम कुमारी के सेवा वापस करने के लिए प्रपत्र 'क' गठित करने का निर्णय लिया गया। उन पर दो तालाबों के सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू नहीं कराने का आरोप लगाया गया।
सफाई के लिए खरीदे जाएंगे 170 ठेला रिक्शा व अन्य सफाई सामग्री
शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई उपकरणों की खरीदारी का निर्णय लिया गया। इसके तहत 170 ठेला रिक्शा खरीदे जाएंगे और वार्डों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा 1500 डस्टबिन, 60 हाईटिपर और दो मिनी जेसीबी मशीन खरीदने का फैसला लिया गया।
फाउंटेन से बताएंगे माता सीता और राजा दशरथ के पिंडदान की महत्ता
देवघाट स्थित फल्गु नदी में माता सीता और राजा दशरथ के पिंडदान से जुड़ी धार्मिक महत्ता को भी आकर्षक तरीके से बताने की योजना है। मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि पानी के फाउंटेन के माध्यम से ऑडियो और वीडियो के जरिए माता सीता के गयाजी आगमन और पिंडदान की महत्ता श्रद्धालुओं को बताई जाएगी। इससे देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को गयाजी की धार्मिक और पौराणिक महत्ता को समझने में मदद मिलेगी।
स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार पर विभागीय कार्रवाई का निर्णय
डीजल आपूर्ति और नाला सफाई से जुड़े मामले में स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार पर भी बैठक में गंभीर नाराजगी जताई गई। उन पर निर्धारित से अधिक डीजल आपूर्ति कराने तथा नालों की समय पर सफाई नहीं कराने के आरोप लगाए गए। इसके अलावा नियमों के विपरीत बाहरी लोगों निगम बहाली से संबंधित कार्य कराने और स्वनिधि की राशि से दुरपयोग खर्च के आरोपों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार की सेवा वापस करने का निर्णय लिया गया। साथ ही उनके विरुद्ध प्रपत्र 'क' गठित कर विभागीय कार्रवाई के लिए आवश्यक पत्राचार करने का आदेश दिया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि उन्हें आगे कोई कार्य नहीं सौंपा जाएगा।