गया में ई-रिक्शा चालक रातों-रात बना '759 करोड़ का मालिक'! मोबाइल पर बैलेंस देख उड़े होश, बैंक ने कहा– सोमवार तक न करें कोई लेनदेन

 

Gaya News: बिहार के गयाजी शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। डेल्हा थाना क्षेत्र के बागेश्वरी मोहल्ला निवासी एक साधारण ई-रिक्शा चालक के बैंक खाते में अचानक ₹7,596,951,951.16 (करीब 759 करोड़ 69 लाख रुपये) का बैलेंस दिखाई देने लगा। खाते में इतनी बड़ी रकम का मैसेज आते ही चालक के होश उड़ गए, जबकि पूरे मोहल्ले में यह खबर आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते लोग उसे मजाक में "अरबपति शिव पटेल" कहकर बुलाने लगे।

मामला बागेश्वरी मोहल्ला निवासी शिव कुमार पटेल का है। शिव पटेल एक साधारण परिवार से हैं और ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थी भी हैं और वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करते हैं।

पेंशन निकालने गए थे, मोबाइल पर आया करोड़ों का संदेश

शनिवार को शिव कुमार पटेल अपनी वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकालने के लिए बागेश्वरी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पहुंचे। उन्होंने आधार आधारित बैंकिंग सेवा के माध्यम से अपने खाते से 1,000 रुपये की निकासी की। निकासी के कुछ ही क्षण बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर बैंक का एसएमएस आया।

जब सीएसपी संचालक की नजर मैसेज में लिखे Available Balance पर पड़ी तो वह भी चौंक गया। संदेश में खाते का बैलेंस ₹7,596,951,951.16 दिख रहा था। पहले तो किसी को इस पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन मैसेज बार-बार देखने पर सभी हैरान रह गए।

मोहल्ले में चर्चा का विषय बना मामला

कुछ ही देर में यह खबर पूरे बागेश्वरी इलाके में फैल गई। आसपास के लोग शिव पटेल के घर पहुंचने लगे। कोई इसे बैंक की तकनीकी गड़बड़ी बता रहा था तो कोई मजाक में कह रहा था कि अब शिव पटेल करोड़पति नहीं बल्कि अरबपति बन गए हैं। पूरे दिन इस अनोखे बैंक बैलेंस की चर्चा होती रही।

बैंक मैनेजर ने दिए सख्त निर्देश
शिव कुमार पटेल ने बताया कि इतनी बड़ी राशि देखकर वह खुद भी घबरा गए। उन्होंने एक परिचित की मदद से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की स्टेशन रोड शाखा के प्रबंधक से फोन पर संपर्क किया। बैंक प्रबंधक ने उन्हें बताया कि दूसरा शनिवार और रविवार होने के कारण बैंक बंद है, इसलिए सोमवार को शाखा पहुंचकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

शिव पटेल के अनुसार, बैंक प्रबंधक ने उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि जांच पूरी होने तक खाते से किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें, न ही मोबाइल फोन या बैंकिंग एप में किसी तरह की छेड़छाड़ करें। बैंक पूरे मामले की तकनीकी जांच करेगा।

तकनीकी गड़बड़ी या कुछ और?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि खाते में इतनी बड़ी राशि दिखाई देना बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी त्रुटि है या किसी अन्य वजह से ऐसा हुआ है। हालांकि बैंक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और सोमवार को खाते की पूरी जांच किए जाने की बात कही है।
इधर, शिव कुमार पटेल और उनका परिवार भी असमंजस में है। परिवार के लोग लगातार यही सोच रहे हैं कि आखिर उनके खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे दिखाई देने लगी। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या यह सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी है या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है।