बिहार विधानसभा में इसी महीने लगेगा EV चार्जिंग स्टेशन, गयाजी को नवंबर में बड़ी सौगात
Patna: बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को उनके कार्यालय कक्ष में परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा परिसर में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने, गयाजी में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने, बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण और यात्रियों के लिए डिजिटल सुविधाएं विकसित करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि बिहार विधानसभा परिसर में इसी महीने के अंत तक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार की ओर से नवंबर महीने में गयाजी को 125 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई। इन पहलों से राज्य में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलने और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
गयाजी में बनेगा आधुनिक मल्टी-फ्लोर बस स्टैंड
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गयाजी बस स्टैंड को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए अंतरराज्यीय मल्टी-फ्लोर बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत भूतल पर पार्किंग की व्यवस्था होगी, जबकि पहले और दूसरे तल पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। वहीं, तीसरे से सातवें तल तक होटल और मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल की सुविधा प्रस्तावित है।
इस परियोजना को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद गयाजी में यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाओं के साथ व्यावसायिक और मनोरंजन संबंधी सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
बिहार के 31 स्थानों पर आधुनिक होंगे बस स्टैंड
बैठक में बताया गया कि गयाजी समेत बिहार के 31 स्थानों पर पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत बस स्टैंडों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इसके अतिरिक्त नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के बस स्टैंडों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया गया। इन स्थानों पर यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, यात्री शेड, संपर्क सड़क, पर्याप्त रोशनी और हरियाली जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की जरूरत बताई गई।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर विकास एवं आवास विभाग, परिवहन निगम और पंचायती राज विभाग के समन्वय से शहरी निकायों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों और प्रखंड स्तर पर भी यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
टिकटिंग और बसों की लाइव ट्रैकिंग के लिए बनेगा मोबाइल ऐप
यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग जल्द ही 'व्हेयर इज माई बस' (Where is My Bus) नाम से एक मोबाइल ऐप विकसित करेगा। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन, टिकटिंग और आवागमन से संबंधित जानकारियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना है।
इस पहल से यात्रियों को बसों की स्थिति जानने, यात्रा की योजना बनाने और परिवहन सेवाओं से जुड़ी जरूरी जानकारी प्राप्त करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण महिलाओं को ईवी खरीद पर मिलेगी एक लाख रुपये की सब्सिडी
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाली महिलाओं को एक लाख रुपये की सब्सिडी देने का प्रावधान बताया गया।
इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और महिलाओं को स्वच्छ परिवहन विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। हालांकि, योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लागू होने की शर्तों से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
पिंक बसों और आधुनिक परिवहन सुविधाओं की हुई सराहना
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने महिलाओं के लिए विशेष रूप से संचालित पिंक बसों और परिवहन विभाग की ओर से किए जा रहे अन्य नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी परिवहन सुविधाओं को मजबूत करना भी जरूरी है।
बैठक में परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बिहार विधानसभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, बैठक में ईवी चार्जिंग स्टेशन, गयाजी में 125 इलेक्ट्रिक बसें, आधुनिक मल्टी-फ्लोर बस स्टैंड, डिजिटल बस ट्रैकिंग ऐप और ग्रामीण परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से बिहार की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।