नवादा जदयू में खत्म हुई गुटबाजी: नीतीश की मुहर से राजकिशोर दांगी बने जिलाध्यक्ष, संगठन को मिला नया ‘ग्राउंड लीडर’
राजकिशोर दांगी की ताजपोशी को जदयू की रणनीतिक चाल के तौर पर देखा जा रहा है। अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले दांगी लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और प्रदेश महासचिव जैसे अहम पद पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को आगामी चुनावों से पहले सामाजिक समीकरण साधने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नियुक्ति के बाद जब दांगी नवादा पहुंचे, तो उनका स्वागत किसी राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। अकबरपुर स्थित उनके आवास पर हजारों कार्यकर्ता जुटे, ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच उनका अभिनंदन किया गया। खास बात यह रही कि अलग-अलग गुटों के कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए, जो संगठन में एकता के संकेत दे रहा है।
पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि दांगी का जमीनी अनुभव और संगठन पर पकड़ जदयू को बूथ स्तर तक मजबूत करेगी। पिछले चुनावों में अति पिछड़ा वर्ग का झुकाव जदयू की ओर रहा है, और अब इस आधार को और मजबूत करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
कई महीनों से दो गुटों में बंटी जदयू के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है। नए जिलाध्यक्ष ने साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता मुख्यमंत्री की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना और संगठन को मजबूत बनाना होगा। नवादा जदयू में यह बदलाव सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि चुनावी तैयारी और संगठनात्मक मजबूती का संकेत माना जा रहा है।