बिहार में खेती होगी और स्मार्ट! ‘बिहार कृषि ऐप’ को लेकर कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा एक्शन प्लान

 
Bihar News: विजय कुमार सिंहा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कृषि भवन, पटना में ‘बिहार कृषि ऐप’ को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के किसानों तक ऐप की पहुंच बढ़ाने, डिजिटल प्रशिक्षण को मजबूत करने और गांव-गांव तक तकनीक पहुंचाने को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि तकनीक का लाभ बिहार के अंतिम किसान तक हर हाल में पहुंचे, ताकि खेती-किसानी को पूरी तरह स्मार्ट और आधुनिक बनाया जा सके।

पंचायत से जिला स्तर तक लगेंगे डिजिटल किसान शिविर

बैठक में फैसला लिया गया कि पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर विशेष युवा किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्रशिक्षित युवाओं को अब “बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा” की पहचान दी जाएगी। ये युवा गांवों में अन्य किसानों को ऐप इस्तेमाल करने और डिजिटल खेती की जानकारी देंगे। कृषि विभाग ने यह भी तय किया है कि बेहतर काम करने वाले डिजिटल कृषि योद्धाओं को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।

अब मगही, भोजपुरी और अंगिका में भी मिलेगा ऐप

किसानों की सुविधा को देखते हुए ‘बिहार कृषि ऐप’ को अब केवल हिंदी और अंग्रेजी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सरकार इसे मगही, भोजपुरी, अंगिका और बज्जिका जैसी स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को ऐप समझने और इस्तेमाल करने में काफी आसानी होगी।

सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने वालों को मिलेगा सम्मान

सरकार ने ऐप के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए नई प्रतियोगी व्यवस्था भी लागू करने का फैसला लिया है। ऐप पर सबसे अधिक किसान रजिस्ट्रेशन कराने वाले राज्य के टॉप 5 जिले, 5 प्रखंड और 5 पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले कृषि विभाग के कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।

एक साल में 11.5 लाख किसान जुड़े, अब 80 लाख का लक्ष्य

कृषि मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar के साथ 19 मई 2025 को ‘बिहार कृषि ऐप’ की शुरुआत की गई थी। महज एक साल में करीब 11.50 लाख किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। सरकार ने अब 2026 के अंत तक राज्य के लगभग 80 लाख किसानों को ऐप से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

किसानों को मिल रही ये हाईटेक सुविधाएं

‘बिहार कृषि ऐप’ के जरिए किसानों को खाद की उपलब्धता, बाजार भाव, मौसम अलर्ट, सरकारी योजनाओं की जानकारी, डिजिटल मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पीएम एआई आधारित चैटबॉट जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। सरकार का दावा है कि इससे किसान बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना सीधे लाभ उठा सकेंगे।

बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग खुद वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में जाकर करें, ताकि राज्य का हर किसान इस डिजिटल बदलाव का हिस्सा बन सके।