पूर्व राज्यपाल डॉ. डी.वाई. पाटिल के निधन पर विधान परिषद् सभापति ने जताया शोक, कहा- शिक्षा और समाजसेवा में उनका योगदान अविस्मरणीय
Bihar news: बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल तथा पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. डी.वाई. पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे सार्वजनिक जीवन और शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
अपने शोक संदेश में सभापति ने कहा कि डॉ. डी.वाई. पाटिल ने राज्यपाल के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और गरिमा के साथ किया। बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में उनकी सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने उन्हें देशभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रति उनके समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान में भारत सरकार ने वर्ष 1991 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों से लाखों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिले और उनकी संस्थाएं आज भी समाज को नई दिशा दे रही हैं।
सभापति अवधेश नारायण सिंह ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार एवं उनके शुभचिंतकों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि डॉ. डी.वाई. पाटिल का प्रेरणादायी जीवन और उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।