जमीन के नाम पर 10 लाख की ठगी, आईजी विकास वैभव के निर्देश के बाद आरोपित दंपति की गिरफ्तारी को ताबड़तोड़ छापेमारी
Gaya: बिहार के गया जिले में जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर ₹10 लाख की ठगी का मामला अब पुलिस कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। इंडियन रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत रमेश कुमार की शिकायत पर मगध मेडिकल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने स्वयं हस्तक्षेप किया और थाना पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को पीड़ित लोको पायलट रमेश कुमार ने मगध रेंज के आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर उन्हें लिखित आवेदन सौंपा। इस दौरान उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार जमीन की रजिस्ट्री कराने के नाम पर उनसे करीब ₹10 लाख लिए गए, लेकिन न तो जमीन की रजिस्ट्री की गई और न ही उनकी रकम वापस की गई। शिकायत सुनने के बाद आईजी विकास वैभव ने तत्काल मगध मेडिकल थाना अध्यक्ष को फोन कर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी का निर्देश दिया।
पीड़ित लोको पायलट रमेश कुमार वर्तमान में गुजरात में इंडियन रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने आवेदन में बताया है कि वर्ष 2023 में मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी प्रेमा देवी उर्फ गुड़िया देवी एवं उनके पति उपेंद्र यादव ने उन्हें एक जमीन दिखाकर भरोसा दिलाया था कि एग्रीमेंट के बाद विधिवत रजिस्ट्री कर दी जाएगी। आरोप है कि इसी विश्वास पर उन्होंने अलग-अलग तिथियों में चेक, यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से करीब ₹10 लाख का भुगतान किया। लेकिन तय समय गुजर जाने के बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री हुई और न ही उनकी मेहनत की कमाई लौटाई गई।
लोको पायलट रमेश कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने कई बार अपनी राशि वापस मांगी तो आरोपी पक्ष लगातार टालमटोल करता रहा। उन्होंने दावा किया कि उपेंद्र यादव ने यहां तक कह दिया, "जो करना है कर लो, न पैसा लौटाऊंगा और न ही जमीन लिखूंगा।" बाद में किस्तों में पैसा लौटाने और नया एग्रीमेंट करने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन जब वह छुट्टी लेकर गुजरात से गया पहुंचे तो आरोपित अपने वादे से मुकर गए और कथित तौर पर कहा कि "जब जमीन पर लॉक खुलेगा, तभी पैसा मिलेगा।" लोको पायलट रमेश कुमार के अनुसार जिस जमीन का एग्रीमेंट उनके साथ किया गया, उसी जमीन का करीब पांच महीने पहले मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के गोपी बीघा निवासी श्याम कुमार के साथ भी एग्रीमेंट किया जा चुका गट करते हैं, मोटी रकम वसूलते हैं और बाद में न तो रजिस्ट्री करते हैं और न ही पैसा लौटाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रुपये मांगने पर उन्हें धमकी दी गई, जिससे उनकाफ परिवार भय और तनाव के माहौल में जी रहा है।
मगध मेडिकल थाना अध्यक्ष ने बताया कि आईजी के निर्देश के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।