पटना में गहराया गैस संकट: 25 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर, कालाबाज़ारी से बढ़ी लोगों की परेशानी
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार शहर में गैस सिलिंडर का बैकलॉग बढ़कर करीब 1 लाख 98 हजार तक पहुंच चुका है। इससे साफ है कि सप्लाई और मांग के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। एडीएम आपूर्ति आरके दिवाकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैस एजेंसियों ने इसे कुछ एजेंसियों की समस्या बताया, लेकिन जमीनी स्थिति पूरे सिस्टम की बदहाली की ओर इशारा कर रही है।
बताया जा रहा है कि रविवार को गैस एजेंसियों द्वारा डिलीवरी बंद रखने से संकट और गहरा जाता है। इसी दिन 20 हजार से ज्यादा नई बुकिंग जमा हो जाती हैं, जिससे अगले कई दिनों तक सप्लाई व्यवस्था प्रभावित रहती है। प्रशासन ने एजेंसियों को अन्य दिनों में डिलीवरी बढ़ाने का निर्देश तो दिया है, लेकिन इसका असर फिलहाल नजर नहीं आ रहा।
इधर घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाज़ारी और अवैध रिफिलिंग का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। कमर्शियल सिलिंडर महंगे होने के कारण कई होटल और छोटे कारोबारी चोरी-छिपे घरेलू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर के कई इलाकों में छोटे सिलिंडरों की अवैध रिफिलिंग खुलेआम की जा रही है, जहां प्रति किलो गैस के लिए 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
प्रशासन के मुताबिक पटना में रोजाना करीब 30 हजार से अधिक सिलिंडरों की जरूरत है, जबकि सप्लाई 28 हजार के आसपास ही हो पा रही है। यही कमी पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह बन रही है। शहर की 136 गैस एजेंसियों में से 12 को संवेदनशील मानते हुए वहां पुलिस बल की तैनाती भी की गई है, लेकिन इसके बावजूद कालाबाज़ारी पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है।
पिछले तीन महीनों में प्रशासनिक टीमों ने 28 जगहों पर छापेमारी कर 29 एफआईआर दर्ज की हैं और 201 सिलिंडर जब्त किए गए हैं। बावजूद इसके हालात में कोई बड़ा सुधार नहीं दिख रहा। बढ़ती देरी, कालाबाज़ारी और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों में नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है।