विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार: 3 महीने में मरम्मत का दावा, दिसंबर तक नए पुल पर दौड़ेंगी गाड़ियां
उन्होंने बताया कि पुल के जिस स्पैन का हिस्सा गिरा है, उसे तकनीकी रूप से दुरुस्त करने के लिए आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम का सहयोग लिया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस बीच आम लोगों की परेशानी को कम करने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक रूट भी तय कर दिए हैं। उत्तर बिहार जाने वाले वाहनों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के गंगा पुल के रास्ते भेजा जा रहा है। वहीं भागलपुर-नवगछिया के बीच जल्द ही स्टीमर सेवा शुरू करने की तैयारी है।
डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि घटना के तुरंत बाद जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पुल पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया था और हालिया जांच में कई तकनीकी खामियां भी सामने आई थीं।
सबसे अहम बात यह है कि दिसंबर 2026 तक विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे आने वाले समय में इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो सकेगा।
इधर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत कर सीमा सड़क संगठन (BRO) से तकनीकी सहयोग मांगा है, जिस पर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
फिलहाल प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मरम्मत कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने की तैयारी में जुटा है, ताकि पूर्वी और उत्तर बिहार के बीच की यह महत्वपूर्ण जीवनरेखा जल्द से जल्द फिर से बहाल हो सके।