बाढ़-सुखाड़ को लेकर सरकार अलर्ट, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश- “आपदा को विपदा न बनने दें”
जून-जुलाई में कम बारिश के आसार
बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र, पटना द्वारा मानसून के पूर्वानुमान की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जून और जुलाई में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है, जबकि अगस्त में सामान्य वर्षा और सितंबर में फिर सामान्य से कम बारिश हो सकती है। दक्षिण बिहार में औसत से कम तथा उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा का अनुमान जताया गया है।
राहत सामग्री से लेकर नाव संचालन तक की तैयारी
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नावों की उपलब्धता, पॉलिथीन शीट, राहत सामग्री, दवाइयां, पशुचारा, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन, फूड पैकेट और बाढ़ राहत शिविरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को भी सक्रिय रखा गया है।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश – “राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का”
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ और सुखाड़ दोनों परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का पहला दायित्व आपदा प्रभावित लोगों की मदद करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आपदा को विपदा न बनने दें। प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचे, यह सुनिश्चित करें। राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है।”
31 मई तक तटबंध और सड़क निर्माण पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने जल संसाधन और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि जिन इलाकों में हर वर्ष बाढ़ का खतरा बना रहता है, वहां तटबंधों और क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण कार्य 31 मई से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। साथ ही भू-जल स्तर की निगरानी, पेयजल आपूर्ति और पशुओं के लिए सूखे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
भीषण गर्मी को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष गर्मी सामान्य से अधिक है। ऐसे में सभी विभागों को संभावित आपदा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त तैयारी करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर परिस्थिति पर नजर रखें और लोगों को समय-समय पर जागरूक भी करें।
कई विभागों ने पेश किया तैयारी का खाका
बैठक में नगर विकास, कृषि, स्वास्थ्य, पथ निर्माण, जल संसाधन, पशु एवं मत्स्य संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण समेत कई विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने भी आपदा जागरूकता और बचाव संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जैसवाल सहित कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलों के प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
सरकार का फोकस साफ
मानसून से पहले हुई इस बड़ी समीक्षा बैठक से सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बाढ़ और सुखाड़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को पहले से तैयार रखा जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।