बिहार में 2.35 लाख परिवारों का ‘गृह प्रवेश’, PMAY-G के नए लक्ष्य से बदलेगी ग्रामीण आवास की तस्वीर
Bihar News: बिहार के हजारों गरीब परिवारों के लिए गुरुवार का दिन खुशियों से भरा रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण हुए 2 लाख 35 हजार पक्के मकानों का गृह प्रवेश कराया गया। इस दौरान लाभुकों को उनके नए घर की चाबी और नए चयनित परिवारों को स्वीकृति पत्र भी सौंपे गए।
सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने पौधों में जल अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की उपलब्धियों और अब तक की प्रगति पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
बिहार को मिले 11.18 लाख नए घरों का लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बिहार को मिले नए लक्ष्य से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार में 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बिहार को करीब 13,427 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी।
सम्राट चौधरी ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार जताया।
2014 से 2026 के बीच 50 लाख घरों का दावा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में कहा कि बिहार के लिए यह गर्व का अवसर है। उन्होंने बताया कि इंदिरा आवास योजना के तहत 1986 से 2014 तक राज्य में गरीब परिवारों के लिए करीब 30 लाख पक्के मकान बनाए गए थे। वहीं, 2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार के गरीब परिवारों के लिए 50 लाख पक्के मकान बनाने का आवंटन किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 के सर्वे में चिन्हित करीब 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित रह गए थे। अब इन परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दायरे में लाया गया है।
‘अपना घर’ सिर्फ छत नहीं, सम्मान और आत्मविश्वास भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का आधार है। जिन परिवारों को कार्यक्रम में घर की चाबी मिली है, उनके जीवन में यह एक नई शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान में बिहार सरकार की ओर से 40 प्रतिशत राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचना चाहिए। हर परिवार के पास अपना पक्का घर होगा, तभी बिहार समृद्ध और देश विकसित बनेगा।
‘सहयोग कार्यक्रम’ में 96 फीसदी आवेदनों का निपटारा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग कार्यक्रम’ की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना और अधिकारियों को जवाबदेह बनाना है। इसके तहत आवेदनों का निष्पादन अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक ‘सहयोग कार्यक्रम’ में 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अब तक 9,500 अधिकारियों को पहला, 950 को दूसरा और 350 अधिकारियों को तीसरा नोटिस जारी किया गया है।
कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता समेत कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास सहित वरिष्ठ अधिकारी, लाभुक और उनके परिजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।