पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सेहत पर सरकार की नजर, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विष्णुपद-मंगला गौरी में की पूजा, मेडिकल इंतजामों का लिया जायजा
Bihar News: गया में पितृपक्ष मेले की शुरुआत के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पितृपक्ष मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी गया पहुंचे और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने गयाजी स्थित प्रसिद्ध मां मंगला गौरी शक्तिपीठ पहुंचकर भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने राज्य और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्वास्थ्य इंतजामों का लिया जायजा
धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने मेले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से लगाए गए स्वास्थ्य स्टॉल का जायजा लिया और वहां श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
अधिकारियों ने मंत्री को मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी। निशांत कुमार ने श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया।
देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
पितृपक्ष मेले के दौरान पिंडदान और तर्पण के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। विष्णुपद मंदिर और फल्गु नदी के आसपास श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर मेडिकल कैंप और स्वास्थ्य स्टॉल लगाए गए हैं। इन केंद्रों पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा समेत जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा और सुविधा पर भी फोकस
पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेले के उद्घाटन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के निरीक्षण के दौरान खास तौर पर चिकित्सा व्यवस्था पर फोकस रहा। सरकार और प्रशासन का प्रयास है कि पितृपक्ष के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाएं भी मिल सकें।