बिहार में गर्मी का कहर, मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी; 19 जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट
राजधानी पटना समेत कई जिलों में दिन के समय तेज धूप और उमस ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। मंगलवार रात कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, लेकिन इससे तापमान में राहत मिलने के बजाय उमस और बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार पटना में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ने बिहार में समय से पहले प्रवेश तो किया, लेकिन आगे बढ़ने की रफ्तार अपेक्षा से काफी धीमी हो गई। बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ी हैं, जिससे गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है।
हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं। 17 से 19 जून के बीच उत्तर और उत्तर-पूर्व बिहार के कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसको लेकर कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
विभाग के अनुसार गया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, भोजपुर, बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, मधेपुरा, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों ने आगे आने वाले महीनों को लेकर भी चिंता जताई है। उनका मानना है कि जुलाई से सुपर अल नीनो का प्रभाव और स्पष्ट हो सकता है, जिससे मानसून की सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है। इसका असर खेती-किसानी और जल संसाधनों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल बिहार के लोग झुलसाती गर्मी और उमस से राहत देने वाली बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अब सबकी नजरें अगले कुछ दिनों पर टिकी हैं, क्योंकि यही तय करेगा कि मानसून रफ्तार पकड़ता है या फिर गर्मी का दौर और लंबा खिंचता है।