जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 11 मेट्रो स्टेशन बंद; दरभंगा में पप्पू यादव ने उठाए सवाल
Bihar News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच दरभंगा पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती जैसे दिन राजधानी में आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होना गंभीर विषय है।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन का मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ा है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं।
11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
प्रदर्शन और गांधी जयंती के कार्यक्रमों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 2 अक्टूबर को 11 स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद कर दिए। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।
हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, INA, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई है। DMRC ने यह व्यवस्था अगली सूचना तक लागू रखने की बात कही है।
पप्पू यादव ने उठाया आम लोगों की आवाजाही का मुद्दा
दरभंगा में पप्पू यादव ने मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए प्रतिबंध और दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था अपनी जगह जरूरी है, लेकिन इसके कारण आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने राजधानी में महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया और सरकार से इस पूरे मामले में जवाबदेही की मांग की।
SIR और वोट के अधिकार को लेकर भी निशाना
पप्पू यादव ने चुनावी प्रक्रिया और मताधिकार से जुड़े सवालों को भी अपने बयान का हिस्सा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों के वोट के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में बना हुआ है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की क्यों है तैयारी?
प्रस्तावित प्रदर्शन में AISA, राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई लोगों और संगठनों की भागीदारी का आह्वान किया गया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पप्पू यादव ने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने फॉर्म-7 और कथित सॉफ्टवेयर सहयोग से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की।
दिल्ली में धारा 163, सड़कों पर भी पाबंदियां
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी कई प्रमुख रास्तों पर यातायात को नियंत्रित करने और डायवर्जन की व्यवस्था की है।
प्रशासन की दलील कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी है, जबकि प्रदर्शन से जुड़े लोग इसे चुनावी प्रक्रिया और मताधिकार के सवालों से जोड़ रहे हैं।
सुरक्षा बनाम आवाजाही पर बहस
गांधी जयंती के दिन दिल्ली में सुरक्षा इंतजामों के बीच मेट्रो और ट्रैफिक प्रतिबंधों ने आम नागरिकों की आवाजाही का मुद्दा भी सामने ला दिया है। एक तरफ प्रशासन किसी संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शन से जुड़े लोग चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपने सवाल सार्वजनिक करना चाहते हैं।
दरभंगा में पप्पू यादव के बयान के बाद यह मुद्दा बिहार की राजनीति में भी चर्चा में आ गया है।