बिहार में एचआईवी के मामले एक लाख के पार: 13 जिले हाई रिस्क ज़ोन में, पटना सबसे ज्यादा प्रभावित
13 जिले ‘हाई रिस्क ज़ोन’ में
सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के 13 जिलों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में संक्रमण की दर अपेक्षाकृत अधिक पाई गई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में:
• पटना – 8,270 मामले
• गया – 5,760
• मुजफ्फरपुर – 5,520
• सीतामढ़ी – 5,026
• बेगूसराय – 4,716
राजधानी पटना की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है।
संक्रमण बढ़ने के प्रमुख कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, HIV के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण हैं:
• बीमारी को लेकर सामाजिक झिझक और जागरूकता की कमी
• असुरक्षित शारीरिक संबंध
• संक्रमित सुइयों का उपयोग
• रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन और वहां से संक्रमण का प्रसार
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और परामर्श की कमी भी एक बड़ी वजह है।
सरकार की पहल और सहायता
राज्य सरकार ‘बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना’ के तहत संक्रमित लोगों को सहायता दे रही है।
• संक्रमित व्यक्ति को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन
• बच्चों के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त सहायता
• प्रदेश में 196 जांच केंद्र, जहां मुफ्त काउंसलिंग और टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है
सरकार के अनुसार अब तक 63.81 करोड़ रुपये इस दिशा में खर्च किए जा चुके हैं।
हालांकि आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण पर काबू पाने के लिए सबसे जरूरी है- जागरूकता, सावधानी और समय पर जांच। जब तक समाज खुलकर इस विषय पर बात नहीं करेगा और एहतियात नहीं बरतेगा, तब तक इस गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण मुश्किल होगा।