दिवाली-छठ महापर्व में कैसे आएंगे परदेसी, अब स्पेशल ट्रेनों की भी सीटें फुल 

दीपावली और छठ महापर्व पर घर आने वाले परदेसियों के लिए ट्रेनों में कन्फर्म टिकट पाना जंग जीतने जैसा हो गया है। 
 

दीपावली और छठ महापर्व पर घर आने वाले परदेसियों के लिए ट्रेनों में कन्फर्म टिकट पाना जंग जीतने जैसा हो गया है। दिल्ली और मुंबई समेत देश के प्रमुख शहरों से पटना आने वाली 18 जोड़ी रेगुलर और 18 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों में 1 से 6 नवंबर तक सीटें फुल हो चुकी हैं। रेगुलर ट्रेनों के थर्ड एसी में लंबी वेटिंग है, जबकि स्पेशल ट्रेनों में नो-रूम के हालात हैं।

 संपूर्ण क्रांति, तेजस राजधानी, विक्रमशिला, श्रमजीवी और लोकमान्य तिलक पटना एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में सीटें पहले ही भर चुकी हैं। नई दिल्ली-पटना वंदे भारत स्पेशल भी पूरी तरह पैक हो चुकी है। स्पेशल ट्रेनों मैं भी कन्फर्म सीट न मिलने से लाखों प्रवासी भारी असमंजस में हैं। यात्री विशेषज्ञ शोएब कुरैशी के अनुसार, यदि सीधे पटना का टिकट न मिले तो डीडीयू, वाराणसी, लखनऊ या गया तक का टिकट लेकर आगे का सफर पैसेंजर-मेमू ट्रेन अथवा अंतरराज्यीय बसों से पूरा किया जा सकता है। बिहार दैनिक यात्री संघ ने रेलवे बोर्ड से दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे बड़े शहरों से तत्काल अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है।

ट्रेनों में टिकट संकट के बीच सड़क मार्ग मुसाफिरों का सबसे बड़ा विकल्प बनकर उभरा है। विभिन्न राज्यों से पटना और बिहार के अन्य जिलों के लिए करीब 250 विशेष बसें संचालित की जा रही हैं, जिनमें अब भी लगभग 20 प्रतिशत सीटें उपलब्ध हैं। दिल्ली, यूपी और हरियाणा के प्रमुख बस अड्डों से सीधी बसें मिल रही हैं, जिससे ट्रेनों में लंबी वेटिंग से परेशान यात्रियों को सीधी राहत मिल रही है। बिहार के लिए दिल्ली-एनसीआर से 65, उत्तरप्रदेश से 50, झारखंड से 50, पश्चिम बंगाल से 50, हरियाणा से 40 स्पेशल बसें चल रही हैं