उमस ने सांस लेना मुश्किल किया, बाढ़ ने घर उजाड़े, दोहरी मार में फंसा प्रदेश- जानिए कब तक बनी रहेगी ये स्थिति
Patna Weather Update: बिहार इस वक्त मौसम की बेरुखी से तड़प रहा है। आसमान बादलों से भरा है, लेकिन बरसात जैसे रूठ गई हो। उमस और तपिश ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि सुबह से ही दोपहर जैसा अहसास होता है। पारा 36°C के पार पहुंच चुका है। हालत यह है कि पंखा, कूलर और एसी तक बेअसर साबित हो रहे हैं।
लोग पसीने से तर-बतर हैं और खेत-खलिहान सूखे पड़े हैं। बिहार में अब तक 29% कम बारिश दर्ज हुई है। धान की रोपनी अधूरी है, मक्के और सब्ज़ी की फसल सूखने लगी है। किसान मायूस हैं और जनता इंतजार में है कि आखिर कब झमाझम बारिश होगी। मौसम विभाग का दावा है कि 6 सितंबर से पश्चिम चंपारण और आसपास के जिलों से बारिश की दस्तक होगी, जिससे पूरे बिहार को राहत मिल सकती है।
दूसरी तरफ नदियों का रौद्र रूप
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। दरभंगा से सुपौल तक कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई गांव टापू में बदल चुके हैं, सैकड़ों घर बह चुके हैं और लोग ऊंचे स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हैं। सिर्फ सुपौल जिले में ही 80 से ज्यादा परिवारों के 100 से अधिक घर नदी में समा चुके हैं।
पटना में भी गंगा खतरे के निशान से महज एक मीटर नीचे बह रही है। सोन और पुनपुन नदियों ने भी चिंता बढ़ा दी है। वहीं नेपाल और उत्तर बिहार में बारिश ने गंडक, बागमती, महानंदा और कमला बलान जैसी नदियों को उफान पर ला दिया है। निचले इलाकों में पानी घुस चुका है और तटबंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
जनता पिस रही बीच में
एक तरफ आग उगलता सूरज और उमस, दूसरी तरफ उफनती नदियां- बिहारवासी दोहरी मार झेल रहे हैं। न राहत की बारिश हो रही है और न ही बाढ़ का पानी थम रहा है। अब सारी नज़रें 6 सितंबर पर टिकी हैं, जब आसमान का मिज़ाज बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।