बजट से पहले महंगाई की मार: कॉमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा, घरेलू गैस की कीमतें स्थिर
Patna Desk: संसद में आज केंद्रीय बजट पेश होने से पहले ही आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। 1 फरवरी 2026 से 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली से लेकर पटना तक कॉमर्शियल गैस सिलेंडर करीब 50 रुपये तक महंगा हो गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बड़े शहरों में बढ़े कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम
नई दरों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलो का कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 1691.50 रुपये की जगह 1740.50 रुपये में मिलेगा। कोलकाता में इसकी कीमत 1795 रुपये से बढ़कर 1844.50 रुपये हो गई है। मुंबई में यह सिलेंडर 1642.50 रुपये से बढ़कर 1692 रुपये और चेन्नई में 1849.50 रुपये से बढ़कर 1899.50 रुपये तक पहुंच गया है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे कारोबारियों पर पड़ने की संभावना है।
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में राहत
तेल कंपनियों के अनुसार 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 853 रुपये में मिल रहा है, जबकि पटना में इसकी कीमत 951 रुपये बनी हुई है। मुंबई में सिलेंडर 852.50 रुपये और लखनऊ में 890.50 रुपये में उपलब्ध है। वहीं कारगिल में 985.50 रुपये, पुलवामा में 969 रुपये और बागेश्वर में 890.50 रुपये की कीमत दर्ज की गई है।
हर महीने की पहली तारीख को होती है समीक्षा
सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत फरवरी की शुरुआत में कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले जनवरी महीने में भी 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया गया था।
पिछले साल कीमतों में रहा उतार-चढ़ाव
पिछले कैलेंडर वर्ष में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिला। नवंबर और दिसंबर में दामों में हल्की कटौती की गई थी, जबकि अक्टूबर में 15.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। इससे पहले कई महीनों तक लगातार कीमतें घटती रही थीं।
कारोबारियों की बढ़ी चिंता
कॉमर्शियल सिलेंडर के महंगे होने से होटल और खाने-पीने के कारोबार से जुड़े लोगों की लागत बढ़ने की आशंका है। जानकारों का मानना है कि यदि कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी हुई, तो इसका असर खाने-पीने की चीजों के दामों पर भी पड़ सकता है।