बिहार में महिलाओं के सफर को सुरक्षित बनाने की पहल, पिंक बसों में CCTV से लेकर पैनिक बटन तक की सुविधा

 

Bihar news: बिहार के प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए शुरू की गई पिंक बस सेवा सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक नई पहल के रूप में सामने आई है। महिलाओं को सुरक्षित और आरामदायक सफर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इन बसों में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ कई यात्री सुविधाएं भी दी गई हैं।

पिंक बसों में CCTV कैमरे, GPS ट्रैकर और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। बसों के संचालन में महिला कंडक्टरों की भी तैनाती की जा रही है। वहीं, बसों को एसी, लो-फ्लोर और इलेक्ट्रिक बनाया गया है, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर के साथ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का विकल्प मिल सके।

पटना के आसपास शुरू हुईं पांच इलेक्ट्रिक पिंक बसें

रक्षाबंधन के अवसर पर प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पटना और आसपास के क्षेत्रों के लिए पांच नई एसी इलेक्ट्रिक पिंक बसों का परिचालन शुरू किया गया। बीएसआरटीसी के अनुसार, इनमें दो बसें पटना-पालीगंज, दो पटना-बेली रोड-कमरूट और एक बस पटना-बिहटा मार्ग पर संचालित हो रही है।

इन बसों में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और आरामदायक सीट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इससे खासकर रोजाना काम, पढ़ाई या अन्य जरूरी कार्यों के लिए सफर करने वाली महिलाओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सिर्फ बस सेवा नहीं, महिलाओं के रोजगार का भी रास्ता

पिंक बस सेवा की खास बात यह है कि इसके जरिए महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मई 2025 में शुरू हुई इस पहल के तहत बसों में महिला स्टाफ को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई थी।

हालांकि महिला ड्राइवरों की कमी शुरुआत में चुनौती बनी, लेकिन अब इस दिशा में भी कदम उठाया गया है। रागिनी कुमारी, गायत्री कुमारी, आरती कुमारी, सरस्वती कुमारी, बेबी कुमारी और अनीता कुमारी ने औरंगाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (IDTR) से बस ड्राइविंग का प्रशिक्षण हासिल किया है।

प्रशिक्षण के बाद इन छह महिलाओं ने बस की स्टेयरिंग संभालकर यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक परिवहन जैसे क्षेत्र में भी महिलाएं अपनी मजबूत भागीदारी निभा सकती हैं। पटना स्थित BSRTC कार्यालय में भी इन महिला ड्राइवरों की तस्वीरें लगाई गई हैं।

सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर

पिंक बस सेवा का उद्देश्य केवल महिलाओं को एक अलग परिवहन सुविधा देना नहीं है। इसके जरिए महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा के साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही है।

महिला यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा को लेकर कई बार चिंता बनी रहती है। ऐसे में CCTV, GPS और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं यात्रा के दौरान भरोसा बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

सरकार की इस पहल से महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलने के साथ परिवहन क्षेत्र में महिला भागीदारी को भी बढ़ावा मिल रहा है। आने वाले समय में यदि ऐसी सेवाओं का विस्तार अन्य शहरों और मार्गों तक होता है, तो इसका सीधा लाभ कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और रोजाना यात्रा करने वाली अन्य महिला यात्रियों को मिल सकता है।