IRCTC Hotel Scam Case: लालू यादव, राबड़ी और तेजस्वी पर आज कोर्ट का फैसला, CBI ने लगाए थे गंभीर आरोप

IRCTC होटल घोटाले मामले में आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट अहम फैसला सुनाएगी, जिसमें लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत कई लोग आरोपी हैं। CBI के अनुसार, रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने रांची और पुरी स्थित BNR होटल्स का संचालन एक निजी कंपनी को गलत तरीके से दिलवाया, और इसके बदले उनके परिवार को पटना में तीन एकड़ जमीन मिली। अगर आरोप साबित होते हैं, तो दोषियों को सात साल तक की सजा हो सकती है।
 

आज IRCTC होटल घोटाला मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला आना है

लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई लोग हैं आरोपी

CBI ने 2017 में दर्ज की थी FIR, टेंडर घोटाले और जमीन के बदले सौदे का है आरोप

दोषी साबित होने पर सात साल तक की सजा हो सकती है

फैसला बिहार की राजनीति और चुनावी माहौल पर असर डाल सकता है

Patna: यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उन्होंने पुरी और रांची स्थित BNR होटल्स को IRCTC को ट्रांसफर करवाया और उसके बाद होटल संचालन का टेंडर एक निजी कंपनी सुझाता होटल्स को दिलाया गया। CBI का कहना है कि यह कंपनी विनय कोचर से जुड़ी थी और टेंडर प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की गई। लालू यादव के प्रभाव का इस्तेमाल कर इस कंपनी को फायदा पहुंचाया गया।

जमीन के बदले टेंडर का सौदा

CBI के अनुसार, इस टेंडर के बदले लालू परिवार को तीन एकड़ जमीन दी गई, जो पटना में थी। यह जमीन कोचर बंधुओं द्वारा पहले सरला गुप्ता की कंपनी को दी गई थी, जो बाद में लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव की कंपनी के नाम हो गई। बाद में, इसी जमीन पर एक मॉल के निर्माण की योजना सामने आई। 

आज होगी सुनवाई

CBI ने 17 जुलाई 2017 को इस केस में FIR दर्ज की थी और दिल्ली, पटना, पुरी, रांची सहित 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी। कोर्ट में 29 मई 2025 को सुनवाई पूरी हो चुकी थी और आज 5 अगस्त को फैसला सुनाया जाएगा।

क्या हो सकती है सजा?

आपको बता दें कि अगर कोर्ट में CBI अपने सबूतों और गवाहों से आरोप साबित कर देती है, तो दोषियों को अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है। लालू यादव इस मामले में 2019 से जमानत पर हैं। लेकिन तेजस्वी यादव की राजनीतिक छवि और भविष्य पर यह फैसला बड़ा असर डाल सकता है।

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में यह मामला और फैसला राजनीति के नजरिए से बेहद अहम हो जाता है। तेजस्वी यादव, जो विपक्ष के नेता हैं, उनके लिए यह कानूनी और राजनीतिक चुनौती बन सकता है। जिससे उन्हें बड़ा झटका।

नजरें कोर्ट पर टिकीं

वहीं,अब सबकी नजरें दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या लालू परिवार को राहत मिलेगी या मुश्किलें बढ़ेंगी। जिसकी आज सुनवाई होगी।