JDU के विधायकों और विधान पार्षदों को मिला संसदीय कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण, नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन

 

Bihar news: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने विधायकों और विधान पार्षदों को सदन की कार्यवाही और विधायी प्रक्रिया की बेहतर समझ देने के लिए शुक्रवार को विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया। पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई।

कार्यक्रम का उद्घाटन JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री श्रवण कुमार और निशांत कुमार समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

सदन में सवाल उठाने से लेकर विधेयक तक की जानकारी

प्रशिक्षण में पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों को संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े विशेषज्ञों की ओर से सदन की कार्यवाही के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

ओरिएंटेशन में विधायकों को सवाल पूछने की प्रक्रिया, क्षेत्र की समस्याओं को सदन में प्रभावी तरीके से उठाने और विधायी कार्यवाही में भाग लेने के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही कानून बनने की प्रक्रिया, विधेयकों पर चर्चा और संशोधन से जुड़े विषय भी प्रशिक्षण का हिस्सा हैं।

बजट और बिहार की अर्थव्यवस्था पर भी फोकस

कार्यक्रम में बजट से जुड़े प्रावधानों और बिहार की अर्थव्यवस्था से संबंधित विषयों पर भी जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जा रही है। नए विधायकों के लिए सवाल-जवाब के जरिए सदन में अपनी बात रखने का अभ्यास भी कराया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण का एक उद्देश्य यह भी है कि जनप्रतिनिधि संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं को समझकर सदन में अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को अधिक व्यवस्थित तरीके से उठा सकें।

संजय झा बोले- संसदीय कार्यप्रणाली की समझ होगी मजबूत

JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मकसद विधायकों और विधान पार्षदों की संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़ी समझ को मजबूत करना है। उनके मुताबिक, इससे जनप्रतिनिधियों को सदन में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी।

पार्टी की ओर से आयोजित यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम पूरे दिन चलेगा। इसमें विधायी प्रक्रिया और सदन के कामकाज से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।