सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में जहानाबाद के अधिवक्ता ब्रजेश वर्मा का चयन, बिहार में खुशी की लहर

 
Newshaat Desk: बिहार के जहानाबाद जिले के लिए यह गर्व और सम्मान का क्षण है कि पटना उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजेश वर्मा को सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी (SCLSC), नई दिल्ली में अधिवक्ता के रूप में चयनित किया गया है। इस उपलब्धि को विधि जगत में एक महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है।

यह समिति सर्वोच्च न्यायालय में आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का कार्य करती है। ऐसे में ब्रजेश वर्मा की इस जिम्मेदारी को न्यायिक सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

ब्रजेश वर्मा, अवकाशप्राप्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर प्रसाद वर्मा के पुत्र हैं। वे वर्तमान में पटना हाईकोर्ट परिसर स्थित बिहार स्टेट बार काउंसिल भवन के चैंबर से अपने विधिक कार्यालय ‘वर्मा एंड एसोसिएट्स’ के माध्यम से कार्य कर रहे हैं। उनकी पहचान संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों के अनुभवी अधिवक्ता के रूप में रही है।

अपने करियर में उन्होंने कई केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय संस्थानों के पैनल अधिवक्ता और विधिक सलाहकार के रूप में सेवाएं दी हैं। इनमें भारतीय खाद्य निगम (FCI), BSNL, बिहार राज्य आवास बोर्ड, PNB, SECL, BCCL, विभिन्न विश्वविद्यालय और कई अन्य महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं।

इसके अलावा वे भारत सरकार के कई मंत्रालयों से जुड़े संस्थानों जैसे NCAHP, NHDC, DVC, NSIL, SFAC, ICAR, IIM बोधगया, NCDC और NBCC के विधिक मामलों में भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। राज्य स्तर पर वे बिहार सरकार के विभिन्न विभागों और बोर्डों के पैनल अधिवक्ता भी हैं।

उनका योगदान केवल पेशेवर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि वे गरीब और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने के लिए भी लगातार सक्रिय रहे हैं। वे बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत चलंत लोक अदालत में भी कार्य कर चुके हैं और जेल निरीक्षण जैसे दायित्वों में भागीदारी निभा चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में उनके चयन से न केवल जहानाबाद बल्कि पूरे बिहार में खुशी और गर्व का माहौल है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह जिम्मेदारी न्याय तक समान पहुंच को और मजबूत बनाएगी तथा जरूरतमंदों को सर्वोच्च न्यायालय में बेहतर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह उपलब्धि उनके व्यक्तिगत करियर के साथ-साथ बिहार के विधिक समुदाय के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।