अस्पताल में भर्ती हुए जीतन राम मांझी, पार्टी ने कहा- तबीयत बिल्कुल ठीक...
Bihar news: केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी को पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि, पार्टी की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि मांझी की तबीयत ठीक है और उन्हें केवल सामान्य रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पार्टी नेताओं के मुताबिक, चिकित्सकों की निगरानी में जीतन राम मांझी की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जांच को सामान्य बताया गया है और किसी तरह की गंभीर या चिंताजनक स्थिति नहीं है। पार्टी की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक खबर पर भरोसा न करें।
जल्द लौटेंगे अपने बीच
HAM नेताओं ने बताया कि केंद्रीय मंत्री पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य हैं। रूटीन जांच पूरी होने के बाद उनके जल्द ही अस्पताल से बाहर आने की उम्मीद है। पार्टी ने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सेहत को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।
आरक्षण को लेकर हाल में चर्चा में रहे मांझी
जीतन राम मांझी हाल के दिनों में आरक्षण व्यवस्था में उप-वर्गीकरण और कोटे के भीतर कोटे के मुद्दे पर दिए गए बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। इस मुद्दे पर NDA के भीतर भी अलग-अलग नेताओं के रुख सामने आए हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए इसकी मौजूदा व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया था। इसके जवाब में HAM की ओर से आरक्षण की समीक्षा और SC/ST वर्ग के भीतर उप-वर्गीकरण की जरूरत पर जोर दिया गया।
मांझी का तर्क रहा है कि आरक्षण का लाभ उन समुदायों तक भी पहुंचना चाहिए, जो लंबे समय से इसके अपेक्षित लाभ से वंचित रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आरक्षण के भीतर वर्गीकरण की वकालत की थी।
चिराग के बयान पर मांझी ने जताई थी असहमति
आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच जीतन राम मांझी ने चिराग पासवान के रुख पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि चिराग, संतोष सुमन की बात को ठीक से नहीं समझ रहे हैं। मांझी का कहना था कि आरक्षण के भीतर वंचित समूहों को अलग हिस्सा मिलने से उन समुदायों को भी अवसर मिल सकता है, जिन्हें अब तक इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिला है।
फिलहाल मांझी के अस्पताल में भर्ती होने का कारण स्वास्थ्य संबंधी किसी गंभीर परेशानी के बजाय नियमित जांच बताया गया है। पार्टी ने साफ किया है कि उनकी हालत सामान्य है और किसी तरह की घबराने वाली स्थिति नहीं है।