दरभंगा के स्कूल में ‘जुगाड़’! बेंच से टिकी छत, 191 बच्चों की जान खतरे में...शिक्षा विभाग ने मानी गलती

Darbhanga:   जिले के एक स्कूल से शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. स्कूल की जर्जर छत को गिरने से रोकने के लिए बेंच का सहारा लिया गया, जबकि यहां करीब 191 बच्चे पढ़ते हैं. इस तस्वीर ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने अपनी गलती स्वीकार की है.
 

Darbhanga News:  बिहार के दरभंगा जिले से सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने बच्चों की सुरक्षा और स्कूल भवनों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अलीनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय किरतपुर का भवन जर्जर हालत में है। स्थिति इतनी खराब थी कि छत को सहारा देने के लिए स्कूल की बेंच-डेस्क तक का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस स्कूल में करीब 191 बच्चे पढ़ते हैं।

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति को स्वीकार किया है। विभाग ने माना है कि भवन की स्थिति ऐसी है कि किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अब स्कूल को तत्काल दूसरे भवन में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है।

शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अलीनगर की ओर से 2 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया है। पत्र में प्राथमिक विद्यालय किरतपुर के भवन को जर्जर बताते हुए छात्र-छात्राओं के चोटिल होने और दुर्घटना की आशंका जताई गई है।

विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल का संचालन दूसरे भवन से करने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक 5 अक्टूबर 2026, सोमवार से प्राथमिक विद्यालय किरतपुर की कक्षाएं मध्य विद्यालय गोसवा में संचालित की जाएंगी। इसके लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।

छत को सहारा देने के लिए बेंच-डेस्क का इस्तेमाल

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली तस्वीर स्कूल की जर्जर छत की है। छत को संभालने के लिए बेंच-डेस्क का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिस बेंच पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं, उसी को भवन की छत को सहारा देने के लिए इस्तेमाल किया गया।

स्कूल की यह स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों पर हर समय हादसे का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे में अभिभावकों की चिंता भी स्वाभाविक है।

191 बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

प्राथमिक विद्यालय किरतपुर में करीब 191 बच्चे अध्ययनरत हैं। जर्जर भवन में लगातार कक्षाएं संचालित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब स्कूल भवन की हालत इतनी खराब थी, तो इतने दिनों तक बच्चों की पढ़ाई उसी भवन में कैसे जारी रही।

अभिभावकों के बीच भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। अब शिक्षा विभाग के आदेश के बाद बच्चों को सुरक्षित भवन में शिफ्ट किया जा रहा है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल बच्चों को मध्य विद्यालय गोसवा में शिफ्ट करने का फैसला तत्काल राहत देने वाला कदम है। इससे जर्जर भवन में बच्चों के पढ़ने से जुड़े जोखिम को कम किया जा सकेगा।

हालांकि, बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि प्राथमिक विद्यालय किरतपुर के जर्जर भवन की मरम्मत कब होगी या बच्चों के लिए नया भवन कब उपलब्ध कराया जाएगा? सरकारी स्कूलों के भवनों की समय-समय पर सुरक्षा जांच और जर्जर भवनों की समय रहते मरम्मत नहीं होने को लेकर भी इस मामले ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिक्षा विभाग ने फिलहाल बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने की व्यवस्था कर दी है, लेकिन इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया है कि स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर समय रहते ठोस कदम उठाना कितना जरूरी है।