किशनगंज पुलिस में फेरबदल: एसपी ने 28 पदाधिकारियों का किया तबादला, 2 दारोगा सस्पेंड और 1 लाइन हाजिर
Kishanganj News: सीमांचल के सीमावर्ती जिले किशनगंज में विधि-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम जनता के प्रति पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के 28 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला कर दिया है, जिसमें एक पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर), चार पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) और 23 पीटीसीएस स्तर के अधिकारी शामिल हैं.
इसके साथ ही कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में बिशनपुर थानाध्यक्ष सहित दो पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक पिकेट प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है. इस कड़े कदम से समूचे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. एसपी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, बिशनपुर थानाध्यक्ष अंजनी कुमार तिवारी और किशनगंज अभियोजन शाखा में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) विनोद कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त छत्तरगाछ पिकेट प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक शैलेश कुमार को दायित्वों के निर्वहन में कोताही के चलते सीधे लाइन हाजिर (क्लोज) कर दिया गया है.
प्रशासनिक व्यवस्था को गति देने के लिए महत्वपूर्ण थानों और पिकेटों में नए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है. इसी के तहत किशनगंज नगर थाना में पदस्थापित तेजतर्रार पुलिस अवर निरीक्षक राजू कुमार को बिशनपुर का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. पुलिस केंद्र (लाइन) में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक कुन्दन कुमार को छत्तरगाछ पिकेट का नया प्रभारी बनाया गया है. गरवनडांगा थानाध्यक्ष कुन्दन कुमार का भी प्रशासनिक आधार पर तबादला किया गया है. विभागीय स्तर पर किए गए इस व्यापक फेरबदल के तहत कुल 28 पुलिस अफसरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
एसपी संतोष कुमार ने जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न पुलिस शाखाओं, अपराध नियंत्रण कोषांगों और विशेष इकाइयों के प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है. पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने सभी नवपदस्थापित पदाधिकारियों को अविलंब अपने नए कार्यस्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है. एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकना, लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन, वारंटियों की धरपकड़ और फरियादियों की शिकायतों पर बिना देरी निष्पक्ष कार्रवाई करना पुलिस की पहली प्राथमिकता होगी; किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.