Land For Job Case: लालू यादव समेत अन्य आरोपियों पर आरोप तय करने का फैसला टला, 30 सितंबर को आ सकता है आदेश
Political news: लैंड फॉर जॉब से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को फिलहाल अदालत से कोई अंतिम आदेश नहीं मिला है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने के मुद्दे पर अपना फैसला टाल दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को होनी है, जिस दिन अदालत आरोप तय करने को लेकर अपना आदेश सुना सकती है।
शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव की अदालत में वर्चुअल माध्यम से पेशी हुई। कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यह है कि जांच एजेंसियों की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं।
क्या है लैंड फॉर जॉब मामला?
यह मामला रेलवे में कथित तौर पर नौकरी के बदले जमीन और संपत्ति हासिल करने के आरोपों से जुड़ा है। आरोप है कि रेलवे में नियुक्ति दिलाने के बदले कुछ लोगों से जमीन अथवा अन्य संपत्तियां ली गईं।
मामले में लालू प्रसाद यादव के अलावा उनके परिवार के कुछ सदस्यों और अन्य लोगों के नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आए हैं। इसी कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है।
कोर्ट को करना है आरोप तय करने पर फैसला
राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को इसी मुद्दे पर सुनवाई हुई कि मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं। अदालत ने तत्काल अपना फैसला सुनाने के बजाय आदेश को आगे के लिए टाल दिया।
अब 30 सितंबर की तारीख इस मामले में अहम मानी जा रही है। उस दिन कोर्ट उपलब्ध रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर आरोप तय करने को लेकर अपना निर्णय सुना सकती है।
ED की जांच में संपत्तियों और लेन-देन पर फोकस
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की जांच कथित तौर पर संपत्तियों और उनसे जुड़े लेन-देन के पहलुओं पर केंद्रित रही है। जांच के दौरान एजेंसी की ओर से मामले से जुड़ी संपत्तियों को लेकर भी कार्रवाई की गई है।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद मामले में अगला बड़ा घटनाक्रम 30 सितंबर को सामने आएगा। इसी तारीख पर यह स्पष्ट हो सकता है कि लालू यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले में औपचारिक आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है या नहीं।