जमीन धोखाधड़ी मामले में पूर्व RJD विधायक पप्पू खां पर शिकंजा, 5 महीने से फरार; पुलिस ने घोषित किया 25 हजार का इनाम

 

Bihar News:  नालंदा के बिहारशरीफ से पूर्व राजद विधायक सैयद नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जमीन धोखाधड़ी से जुड़े मामले में करीब पांच महीने से फरार चल रहे पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मुख्यालय ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मामले में उनकी पत्नी आफरीन सुल्ताना भी आरोपी हैं और पुलिस के अनुसार वह भी फरार चल रही हैं। 

जमीन की रजिस्ट्री को लेकर दर्ज है केस

पुलिस के मुताबिक, पप्पू खां और आफरीन सुल्ताना के खिलाफ वेना थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिस जमीन को शिकायतकर्ता ने वर्ष 2021 में बनारसी प्रसाद से खरीदा था, उसी जमीन की बाद में वर्ष 2022 में आफरीन सुल्ताना के नाम दोबारा रजिस्ट्री कराई गई।

शिकायतकर्ता ने रजिस्ट्री में इस्तेमाल दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया है। इसके अलावा दोनों पर जमीन के बदले एक करोड़ रुपये मांगने का भी आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर दीवानी मुकदमा भी चल रहा है। 

घर पर पुलिस ने की थी छापेमारी

पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 23 अप्रैल को डीएसपी संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिहारशरीफ स्थित पप्पू खां के आवास पर छापेमारी की थी। हालांकि, उस दौरान पूर्व विधायक और उनकी पत्नी दोनों घर पर नहीं मिले।

इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर उनकी तलाश जारी रखी। करीब पांच महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से पप्पू खां पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वेना थानाध्यक्ष ने भी इसकी पुष्टि की है। 

कौन हैं पप्पू खां?

सैयद नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां बिहारशरीफ विधानसभा सीट से वर्ष 2000 में राजद के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 2005 में फरवरी और अक्टूबर में हुए दोनों विधानसभा चुनावों में उन्होंने राजद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार भाजपा के डॉ. सुनील कुमार से हार गए। 

उनकी पत्नी आफरीन सुल्ताना भी बिहारशरीफ की राजनीति में सक्रिय रही हैं। उन्होंने 2010 में राजद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहीं। 2015 में जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के टिकट पर चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि 2020 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी तीसरे स्थान पर रही थीं। 

फिलहाल जमीन विवाद से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है और पप्पू खां तथा उनकी पत्नी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए प्रमुख कार्रवाई बनी हुई है।